अंतरराष्ट्रीय

नेपाल के उप प्रधानमंत्री व भारत के राजदूत से शिष्टाचार भेंट वार्ता की नंदलाल शर्मा ने

नन्‍द लाल शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने नेपाल की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान काठमांडू में उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री श्री बिष्णु प्रसाद पौडेल से शिष्‍टाचार भेंट की।

श्री नन्‍द लाल शर्मा ने उप प्रधानमंत्री को नेपाल में एसजेवीएन द्वारा निष्‍पादित की जा रही 900 मेगावाट की अरुण-3 जलविद्युत परियोजना और संबद्ध 217 किमी 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन, 490 मेगावाट अरुण-4 और 669 मेगावाट लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने अरुण-3 परियोजना की निर्माण गतिविधियों पर वैश्विक महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए एसजेवीएन द्वारा किए गए त्वरित उपायों के संबंध में भी जानकारी दी। दोनों देशों के मध्‍य जल विद्युत सहयोग में परियोजना का समय पर पूर्ण होना एक महत्वपूर्ण माईलस्‍टोन होगा।

उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री श्री बिष्णु प्रसाद पौडेल ने परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और परियोजनाओं के शीघ्र निष्पादन के लिए नेपाल सरकार से सभी आवश्‍यक सहायता का आश्वासन दिया। बैठक में नेपाल में जलविद्युत के विकास से संबंधित मामले पर भी विचार-विमर्श किया गया।

श्री नन्‍द लाल शर्मा ने काठमांडू में अपनी यात्रा के दौरान नेपाल में भारत के महामहिम राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव से भी भेंट की और नवंबर 2022 में अरुण-3 और लोअर अरुण जलविद्युत के लिए उनके आत्‍मविश्‍वास बढ़ाने वाले दौरे के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। श्री शर्मा ने नेपाल में एसजेवीएन द्वारा विकसित की जा रही परियोजनाओं को लगातार सहयोग देने के लिए भारतीय दूतावास को धन्यवाद दिया। राजदूत ने आश्वासन दिया कि भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने के लिए भारतीय दूतावास सभी परियोजनाओं के निष्पादन और कमीशनिंग के लिए अपना पूरा समर्थन देगा।

तत्‍पश्‍चात, श्री नन्‍द लाल शर्मा ने नेपाल के निवेश बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री सुशील भट्ट के साथ बैठक की और एसजेवीएन को नेपाल में और अधिक जल विद्युत परियोजनाओं के आबंटन के बारे में विचार-विमर्श किया।

एसजेवीएन भारत-नेपाल जल विद्युत निष्‍पादन में एक विकास भागीदार है। कंपनी नेपाल में 2059 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं का निष्‍पादन कर रही है। ये परियोजनाएं निवेश, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, कई प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने और स्थानीय आबादी के कौशल विकास को बढ़ावा देगी। ये परियोजनाएं दोनों देशों के मध्‍य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में सहायक होगी।

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