Wednesday, November 4, 2026
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दिल्ली में वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान, गढ़वाली नाटक से भावुक हुआ उत्तराखंड समाज

उत्तराखंड हमारी जन्मभूमि है जिस पर हमें गर्व है–मोहन सिंह बिष्ट

Amar chand नई दिल्ली। उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्थान ने रविवार को दिल्ली के मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान 2025 का आयोजन किया। इस मौके पर उत्तराखंडी समाज भावुक हो उठा जब प्रवास और पलायन की पीड़ा को दर्शाते गढ़वाली नाटक “हमल बिरणु ह्वे जाण” का मंचन हुआ। नाटक का लेखन चन्द्र किशोर नैथाणी, निर्देशन हरि सेमवाल और संगीत निर्देशन कृपाल सिंह रावत ने किया। मंझे हुए कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर दिया और सभागार में गमगीन माहौल बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की संस्थापक एवं चेयरपर्सन संयोगिता ध्यानी ने अतिथियों के स्वागत के साथ किया। मुख्य अतिथि, दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा – “दिल्ली हमारी कर्मभूमि है, लेकिन उत्तराखंड हमारी जन्मभूमि है जिस पर हमें गर्व है।”
इस अवसर पर स्वर्गीय कुसुमकांता पोखरियाल ‘निशंक’ की स्मृति में दिया जाने वाला वीरांगना तीलू रौतेली सम्मान 2025 चमोली-गोपेश्वर की समाजसेविका मीना तिवारी को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डा. गोविंद सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड), मदन मोहन सत्ती (मीडिया समन्वयक, मुख्यमंत्री उत्तराखंड), आशना कंडियाल, बीनू धीमान, राखी बिष्ट, हर्षवर्धन नैथाणी, डा. हरीश लखेड़ा, हरेन्द्र पुरी, वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगरान ध्यानी और कोकिला गौड़ शामिल रहे।
इन अतिथियों का स्वागत संस्थान के पदाधिकारियों बी. लाल शास्त्री (प्रशासक), दीनदयाल जुयाल (वित्त सचिव) और अंजू भंडारी ने किया। मंच संचालन संस्थान के सचिव रविंद्र रावत (गौरी रावत) ने किया जबकि संस्थान की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जानकारी सह-निदेशक सुमित्रा किशोर ने दी।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मंच बना बल्कि उत्तराखंड की जड़ों से जुड़े रहने और प्रवास की वेदना को साझा करने का भी माध्यम साबित हुआ।
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