“भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले श्री राम कुमार चौधरी अब अपने प्रशासनिक अनुभव को जनहित, समाज सेवा और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए समर्पित करेंगे।”
अमर चंद्र
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद की पावन धरती से निकलकर भारत सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक तंत्र में अपनी ईमानदारी, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली से अलग पहचान बनाने वाले श्री राम कुमार चौधरी का प्रशासनिक जीवन सार्वजनिक सेवा का एक प्रेरणादायी अध्याय रहा है। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और यही कारण है कि वे अपने सहयोगियों, अधीनस्थ कर्मचारियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक मृदुभाषी, निष्पक्ष, संवेदनशील और भरोसेमंद अधिकारी के रूप में सदैव सम्मानित रहे।
भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कोयला मंत्रालय, मंत्री कार्यालय तथा सहकारिता मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं देने के बाद श्री राम कुमार चौधरी उप सचिव (Deputy Secretary) के पद से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए। प्रत्येक जिम्मेदारी का उन्होंने पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निर्वहन किया।
श्री राम कुमार चौधरी की सबसे बड़ी पहचान केवल एक सक्षम प्रशासक के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे अधिकारी के रूप में रही जो आमजन की समस्याओं को अपनी जिम्मेदारी समझते थे। उनके कार्यालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यह विश्वास लेकर लौटता था कि उसकी बात गंभीरता से सुनी गई है और उसके समाधान का ईमानदार प्रयास किया जाएगा। उनका सरल, सहज और सकारात्मक व्यवहार लोगों के मन में विश्वास पैदा करता था।
राजभाषा हिंदी के प्रति उनका विशेष अनुराग भी उनके व्यक्तित्व की महत्वपूर्ण पहचान रहा। हिंदी दिवस सहित विभिन्न राजभाषा कार्यक्रमों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई तथा सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग और प्रचार-प्रसार को निरंतर प्रोत्साहित किया।
उनकी कार्यशैली समय की पाबंदी, अनुशासन, निष्पक्ष निर्णय, पारदर्शिता, सहयोगी नेतृत्व और सकारात्मक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण रही। कनिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना, कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना तथा हर व्यक्ति के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट विशेषताएँ रहीं।
‘अमर संदेश’ से विशेष बातचीत में श्री राम कुमार चौधरी ने कहा कि उनके लिए सेवानिवृत्ति केवल सरकारी सेवा का समापन है, जनसेवा का नहीं। उन्होंने कहा, “सरकारी सेवा के दौरान जो प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली सीखी है, अब उसे समाज के हित में समर्पित करना चाहता हूँ। मेरी प्राथमिकता रहेगी कि आमजन की समस्याओं के समाधान में सहयोग करूँ, युवाओं का मार्गदर्शन करूँ और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सकारात्मक बदलाव का लाभ पहुँचा सकूँ।”
उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने कार्यों से लोगों का विश्वास अर्जित करना है। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और आने वाले समय में भी वे इसी भावना के साथ समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहेंगे।
श्री राम कुमार चौधरी का संपूर्ण प्रशासनिक जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि सेवा, ईमानदारी और संवेदनशीलता को अपना धर्म बना लिया जाए, तो पद समाप्त हो सकता है, लेकिन सम्मान और पहचान कभी समाप्त नहीं होती।