पीएम इंटर्नशिप योजना से युवाओं को जोड़ने की जरूरत : अनिल बहुगुणा
पीएम इंटर्नशिप योजना से युवाओं को जोड़ने की जरूरत : अनिल बहुगुणा
अमर चंद्र
नई दिल्ली। उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक बिजनेस समिट 2026 में आयोजित “PM Internship Scheme: Strengthening India’s Talent Pipeline” विषयक विशेष सत्र में देश में कौशल विकास और युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना देश के स्किलिंग पैकेज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों से जोड़कर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इस अवसर पर ओएनजीसी के स्किल डेवलपमेंट के प्रमुख अनिल बहुगुणा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने “अमर संदेश” से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना आज के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। ओएनजीसी बेहतरीन टेक्निकल ट्रेनिंग दे रही है । ड्रिलिंग रिग , वर्कओवर रिग तथा प्रोडक्शन इंस्टॉलेशंस पर ट्रेनिंग का इंतज़ाम किया गया है जिससे कि युवा इतना कौशल प्राप्त कर सकें की रोज़गार हासिल कर पायें।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 6 माह से 9 माह तक की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें युवाओं को प्रतिमाह भारत सरकार की तरफ़ से 8100/ रुपये दिया जाता है। कंपनियाँ इस हेतु 900/ प्रतिमाह अलग से देती हैं । भारत सरकार इसके अतिरिक्त 6000/ रुपये की राशि दो किश्तों मे भी देती है।
इसके अलावा ओएनजीसी प्रतिमाह ट्रेनिंग के दौरान भोजन और रहने की व्यवस्था के किया इंटर्न्स को 10000/प्रति माह भी देती है।
अनिल बहुगुणा ने कहा कि ओएनजीसी द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए भारत सरकार के कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय के साथ मिल केर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस प्रकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं को रोजगार लायक़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में बालामुरुगन डी., संयुक्त सचिव, कॉर्पोरेट मंत्रालय , भारत सरकार , अमिताभ मुखर्जी (आईटीसी), उज्ज्वल प्रकाश (जुबिलेंट फूडवर्क्स), के सुचेंदरन (टीसीएस), डॉन लुईस (महिंद्रा ग्रुप) तथा डी.बी. सुंदरा रामम सहित कई उद्योग विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और युवाओं के कौशल विकास पर अपने विचार साझा किए।

