Amar sandesh नई दिल्ली।देश की प्रमुख इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने उत्पादन, बिक्री और मुनाफे के कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे इस्पात क्षेत्र में SAIL की मजबूत स्थिति और स्पष्ट हुई है।
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कच्चे इस्पात का उत्पादन बढ़कर 19.43 मिलियन टन पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 19.17 मिलियन टन था। वहीं बिक्री मात्रा में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 17.89 मिलियन टन से बढ़कर 19.93 मिलियन टन तक पहुंच गई।
SAIL का परिचालन से कारोबार बढ़कर 1,10,810 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA 13,146 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) बढ़कर 3,233 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में शुद्ध लाभ में करीब 50.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा कंपनी ने अपने कर्ज में भी 8,148 करोड़ रुपये की कमी की है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।
चौथी तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही में SAIL का परिचालन से कारोबार 30,813 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी ने 1,680 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। बेहतर लागत नियंत्रण, बढ़ी बिक्री और परिचालन दक्षता को कंपनी के मजबूत प्रदर्शन का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद संसाधनों के बेहतर उपयोग और रणनीतिक प्रबंधन के चलते प्रदर्शन मजबूत बना रहा।
SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) ए. के. पांडा ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन उसकी मजबूत कारोबारी रणनीति, बाजार में बढ़ती पकड़ और बेहतर परिचालन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में बढ़ती मांग आने वाले समय में इस्पात उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 2.35 रुपये प्रति शेयर अंतिम लाभांश देने की भी सिफारिश की है।