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Amar sandesh नई दिल्ली/फरीदाबाद। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘मिशन लाइफ’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ अभियान के तहत फरीदाबाद स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में भव्य वन महोत्सव का आयोजन किया। ‘एक बच्चा-एक पौधा’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और एनएचपीसी अधिकारियों ने मिलकर हरित भविष्य का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी) सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (वित्त एवं कार्मिक) महेश कुमार शर्मा, एनएचपीसी महिला कल्याण समिति की मुख्य संरक्षक शिखा गुप्ता, संरक्षक सोमा अधिकारी एवं रिंकू शर्मा, विद्यालय की प्राचार्या ममता शेखर, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया मिशन लाइफ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनजीवन का हिस्सा बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की देखभाल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित किए जाएं, तो वही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश को हरित और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों की चित्रकला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों की सराहना करते हुए उनके उत्साह की प्रशंसा की।
विद्यालय की प्राचार्या ममता शेखर ने कहा कि ‘एक बच्चा-एक पौधा’ केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भारत बनाने का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।
वन महोत्सव के तहत विद्यालय परिसर में 2,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले चरण में शनिवार को लगभग 600 पौधों का रोपण किया गया, जिनमें पिलखन, अशोक, इंडियन विलो और निर्गुंडी जैसी प्रजातियां शामिल हैं। शेष 1,400 पौधे आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कब-बुलबुल, स्काउट एवं गाइड की आकर्षक प्रस्तुतियां, समूहगान, भरतनाट्यम, समूह नृत्य, पर्यावरण विषयक लघु नाटिका, छात्र भाषण, वाद्य यंत्र प्रस्तुति और पुरस्कार वितरण जैसे विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
एनएचपीसी का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे अभियान लगातार जारी रहे, तो हरित भारत और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
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