श्रीमती सुषमा स्वराज जी के आकस्मिक निधन से भाजपा परिवार का प्रत्येक सदस्य शोकाकुल और स्तब्ध है

पूर्व विदेश मंत्री, हमारी वरिष्ठ नेत्री और बहुआयामी प्रतिभा की धनी, दीदी सुषमा स्वराज जी के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूँ एवं मन हृदय अत्यंत शोक-संतप्त है। वे एक उत्कृष्ट राजनेता, प्रतिबद्ध कार्यकर्ता, प्रखर वक्ता और बेहतरीन प्रशासक थीं। उनका निधन न केवल भारतीय जनता पार्टी बल्कि देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दीदी सुषमा स्वराज जी अपने राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में अनेकों दायित्वों पर रहते हुए अंतिम समय तक राष्ट्र सेवा में लगी रहीं। जब से वे राजनीतिक जीवन में आईं, तब से लेकर विपक्ष की नेता और देश की प्रथम पूर्णकालिक महिला विदेश मंत्री रहने तक, उन्होंने हमेशा एक आदर्श व्यक्तित्व का उदाहरण देश और समाज के सामने रखा। देश उन्हें उनके अत्यंत सरल, संवेदनशील, सशक्त, ऊर्जावान एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए सदैव याद रखेगा। हम सभी उनके जीवन से सदैव प्रेरणा प्राप्त करते रहेंगे। सात बार सांसद और तीन बार विधायक रह चुकी श्रीमती सुषमा स्वराज जी दिल्ली की पांचवीं मुख्यमंत्री, 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, संसदीय कार्य मंत्री, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और विदेश मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के रूप में राजनीतिक सफ़र की शुरुआत की और आपातकाल के समय कांग्रेस की दमनकारी नीति के खलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों की पुर्नस्थापना के लिए लड़ाई लड़ी। 1977 में पहली बार उन्होंने हरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और महज़ 25 वर्ष की आयु में राज्य की श्रम मंत्री बन कर सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनने की उपलब्धि हासिल की। वे हरियाणा की जनता पार्टी की अध्यक्ष भी रहीं। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पहली मंत्रिमंडल में वे सूचना प्रसारण मंत्री बनीं। वे अक्टूबर 1998 में दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं। 2009 में वे मध्य प्रदेश के विदिशा से लोक सभा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुईं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष चुनी गयीं। 2014 में वे दोबारा विदिशा से निर्वाचित हुईं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के मंत्रिमंडल में भारत की पहली पूर्णकालिक विदेश मंत्री बनीं।

प्रखर और ओजस्वी वक्ता, प्रभावी पार्लियामेंटेरियन और कुशल प्रशासक श्रीमती सुषमा स्वराज अकेली महिला नेता हैं जिन्हें असाधारण सांसद चुना गया। विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की साख स्थापित की, वह अद्भुत है। दुनिया में कहीं भी जब भारत के किसी नागरिक पर कोई संकट आया, वे हमेशा मदद के लिए तैयार रहती थीं। उन्होंने देश के विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया और भारत की निर्णायक छवि को और बल दिया। देश सदैव उनके योगदान को स्मरण करता रहेगा। हमारी वरिष्ठ नेत्री श्रीमती सुषमा स्वराज जी के आकस्मिक निधन से भाजपा परिवार का प्रत्येक सदस्य शोकाकुल और स्तब्ध है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति दे। ॐ शांतिः

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