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आम जनता के लिए शिफा केयर का निःशुल्क ‘माय हेल्थ माय च्वाइस  आफर

किशोर नैथानी
शिफा केयर  हर नागरिक को  घर पर उनके चुने समय पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा अैर समाधान देगा। शिफा देश के टियर 1, 2 और 3 शहरो के अतिरिक्त गावों के लोगों को  भी सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवा देगा जो सस्ती अैर अच्छी स्वास्थ्य सेवा चाहते हैं। ट्रांस्जेंडर अधिकार कार्यकर्ता और स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ और आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, मनीष सिंह, अध्यक्ष, भाजपा पूर्वांचल मोर्चा और स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों की उपस्थिति में लांच शिफा केयर एप्लीकेशन की मदद से लोग स्मार्टफोन के माध्यम से 60 भारतीय भाषाओं में किसी एक या कई बीमारियों के इलाज के लिए एक या अनेक डाक्टर से संपर्क कर सकते हैं। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया, ‘‘शिफा केयर लांच एलजीबीटी कम्युनीटी के लिए खुशियां मनाने का अवसर है। यह खास तौर से उन्हें विशेष सेवाएं देगा ताकि इस समुदाय का आत्मसम्मान बढ़े और वे मानसिक रूप से बुलंद रहें। शिफा केयर का निर्माण मनीष छाबड़ा ने किया है जो माता-पिता के स्नेह से वंचित रहे और राजस्थान के श्रीगंगानगर डीएवी स्कूल के छात्र रहे हैं।

मनीष छाबड़ा ने बताया, शिफा केयर डाक्टरों को गांवों और विदेशों के मरीजों को इलाज करने का अवसर देता है और भारतीय मरीजों को भारत या विदेशों के बेहतरीन डाक्टरों से इलाज कराने की सुविधा देता है।‘‘शिफा केयर का प्रयास दुनिया के हर नागरिक को संपूर्ण और सस्ता स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध और सुलभ कराना है। भारत से शुरुआत कर हमारा मकसद सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था कायम करना है। नए युग की तकनीक पर आधारित इस व्यवस्था में जाति, रंग, नस्ल या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह प्लैटफार्म इलाज संबंधी हर तरह की परेशानी दूर कर देगा जैसे डाक्टर सही होने की जांच या विशेष कर आपातकाल में अस्पताल पहंरचने की परेशानी।

10 हजार से अधिक डाक्टरों का रजिस्ट्रेशन
शिफा केयर के ऐप पर चिकित्सा सेवा देने के लिए अब तक 10 हजार से अधिक डाक्टरों ने रजिस्ट्रेशन के लिए निवेदन किया है।   ‘‘शिफा केयर अत्याधुनिक तकनीक का लाभ लेते हुए क्रमशः चिकित्सा उपचार और प्रैक्टिस के दृष्टिकोण से मरीजों और चिकित्सकां को पारदर्शिता और सुरक्षा देने वाला पहला प्लैटफार्म है। शिफा केयर के ईकोसिस्टम में एक साथ एआई, एपिडेमियोलाजी और जेनेटिक सीक्वेंसिंग सभी का लाभ लिया जाता है। इसके पीछे प्रेडिक्शन, मिटीगेशन और एआई एल्गोरिद्म काम करता है। हमारा मकसद बीमारी के बाद उपचार और उससे पहले रोकथाम के लक्ष्य से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आमूल परिवर्तन करना है। मनीष सिंह ने बताया वर्चुअल क्लिनिक सभी के लिए वरदान होगा। विशेष कर महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा क्योंकि घर और घर से दूर गए परिवार के लोगों की सेहत की देखभाल मूलतः महिलाएं ही करती हैं। अधिक उम्र के लोगों और बीमार माता-पिता के लिए यह सेवा बेहद फायदेमंद है।

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