विश्व ब्राह्मण संगठन द्वारा वर्तमान राजनीति पर असंतोष व्यक्त कर ब्राह्मणों को चेताया गया

सी एम पपनैं

नई दिल्ली। विश्व ब्राह्मण संगठन द्वारा देश के सभी राज्यो के संगठन अध्यक्षो की उपस्थिति मे वैश्विक फलक पर ब्राह्मणों के उत्थान व देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हेतु वर्चुवल मीटिंग का आयोजन 9 अगस्त को संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश चंद्र पांडे की अध्यक्षता मे आयोजित की गई। उक्त मीटिंग में ब्राह्मणों के उत्थान के साथ-साथ देश व समाज हित में अनेक फैसले पारित किए गए।

आयोजित वर्चुवल बैठक मे वक्ताओ द्वारा ब्राह्मणों के मध्य चार सोचों, ब्राह्मण गौरव सोच, राजनैतिक सोच, आर्थिक सोच व शैक्षिक सोच को गरिमामयी तौर-तरीकों व शालीनता से आगे बढाने पर बल दिया गया। वक्ताओ द्वारा व्यक्त किया गया, ब्राह्मणों को अपने ब्राह्मण होने पर गर्व होना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को ब्राह्मणों के महत्व व प्रत्येक युग मे ब्राह्मणों के ज्ञान व शिक्षा के बल समाज के विभिन्न वर्गो को मिली सफलता, समरसता व सिद्धि को बताना परमावश्यक है।

व्यापारिक विकास एवं शिक्षा पर भी वक्ताओ द्वारा मीटिंग मे बेबाक राय रख, गहन मंथन किया गया।

वर्चुवेल मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे कैलाश चंद्र पांडे ने व्यक्त किया, सन 1952 देश की पहली संसद मे 125 प्रबुद्ध ब्राह्मण सांसद देश भर के अनेक राज्यो से चुन कर आए थे। दुर्भाग्य, वर्तमान मे ब्राह्मण सांसदों की संख्या घटकर पचास से भी कम रह गयी है। समूचे देश मे केवल एक मात्र ब्राह्मण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी है। अनेकों अन्य वक्ताओ ने चिंता व्यक्त कर कहा, वर्तमान केंद्रीय सरकार मे तीन राष्ट्रीय ब्राह्मण नेताओ, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली एवं मनोहर पारिख की आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके स्थान पर आज तक किसी भी अन्य ब्राह्मण को मंत्रिमंडल मे शामिल नहीं किया गया है। हिंदी पट्टी का कोई ब्राह्मण नेता कैबिनेट मंत्री नही है। कारणवश ब्राह्मण समाज मे उत्साह व जोश का अभाव है।

विश्व ब्राह्मण संगठन द्वारा वर्चुवेल बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताओ मे,
युद्ध स्तर पर राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला व ब्लॉक स्तर पर संगठन का विस्तार।
संगठन की राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर महिला व युवा अध्यक्षो की नियुक्ति।
नितांत रूचिपूर्ण सामूहिक कार्य को चिन्हित करना।
महाराष्ट्र के नितिन कुलकर्णी एवं विनायक जोशी के सफल ब्राह्मण बिजनिश नेट्वर्क मॉडल को देश के प्रत्येक राज्यो मे विस्तार की योजना।
ब्राह्मण विवाहित योग्य युवक एवं युवतियों का देश एवम् विदेश का डेटा बेस बनाने जैसे मुद्दे मुख्य रहे।

मीटिंग में भाग लेने वाले संगठन प्रदेश अध्यक्षो में के पी शर्मा दिल्ली एनसीआर, जिले सिंह पिचोलिया हरियाणा, सज्जन शर्मा राजस्थान, योगेन्द्र महंत मध्य प्रदेश, श्रीकिशन शर्मा तेलंगाना, शैलेश मेहता सोटा (वर्तमान विधायक) गुजरात, धर्मेंद्र तिवारी झारखंड, के के शर्मा पंजाब, अरविंद ओझा छत्तीसगढ़, डॉ विद्यासागर पाण्डेय बनारस, नितिन कुलकर्णी पुणे, विनायक जोशी मुंबई, शशिकांत शर्मा राष्ट्रीय महासचिव विश्व ब्राह्मण संगठन, उमेश शर्मा हैदराबाद, अनुपम शर्मा बैंगलोर,अंबर स्वामी गाजियाबाद मुख्य थे।

आयोजित वर्चुवेल मीटिंग का संचालन संगठन अध्यक्ष कैलाश चंद्र पांडे व मीटिंग मे सम्मलित सभी राज्यो के अध्यक्षो के प्रति आभार, महासचिव शशिकांत शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।

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