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Amar sandesh नई दिल्ली, 8 जुलाई। देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और कोयले के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 37,500 करोड़ रुपये की कुल वित्तीय परिव्यय वाली ‘सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना’ के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में कोयला मंत्रालय ने पात्र संस्थाओं और कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
गौरतलब है कि इस महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने 13 मई 2026 को मंजूरी दी थी। योजना का उद्देश्य सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहित कर कोयले का अधिक मूल्यवर्धन करना, ऊर्जा एवं रसायन क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करना तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देना है।
कोयला मंत्रालय ने योजना की स्वीकृति के बाद 25 जून 2026 को इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को ‘प्रस्ताव के लिए अनुरोध’ (Request for Proposal-RFP) जारी करते हुए पात्र आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
योजना के संबंध में उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य हितधारकों को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने तथा आवेदन प्रक्रिया से जुड़े प्रश्नों का समाधान करने के उद्देश्य से कोयला मंत्रालय 20 जुलाई 2026 को प्री-एप्लीकेशन कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा। मंत्रालय ने सभी संभावित आवेदकों से इस सम्मेलन में भाग लेने और अपने प्रश्न समय रहते भेजने का आग्रह किया है।
मंत्रालय के अनुसार, इच्छुक संस्थाएं और कंपनियां 7 सितंबर 2026 तक अपने आवेदन एवं प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। योजना के दिशा-निर्देश, आरएफपी दस्तावेज तथा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित सभी जानकारी कोयला मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मंत्रालय ने सभी पात्र संस्थाओं से आवेदन करने से पहले दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना देश में स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने, ऊर्जा एवं रसायन क्षेत्र के लिए घरेलू कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने तथा नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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