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पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की आपूर्ति का दीर्घकालिक समझौता; हरदीप सिंह पुरी बोले भारत सिर्फ ईंधन नहीं, ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा दे रह
Amar sandesh नई दिल्ली। भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ऊर्जा कूटनीति को एक नई मजबूती देते हुए मॉरीशस के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की 20-21 अगस्त की मॉरीशस यात्रा के दौरान भारत और मॉरीशस के बीच तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए सरकारी स्तर पर समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। इसी अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) और मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (STC) के बीच पांच वर्ष का दीर्घकालिक बिक्री एवं खरीद समझौता भी हुआ।
समझौते के तहत IOCL मॉरीशस की मोटर स्पिरिट (MS), हाई स्पीड डीजल (HSD) और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की पूरी आयात आवश्यकता की आपूर्ति करेगा। इससे मॉरीशस को दीर्घकालिक और भरोसेमंद ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम होगा
20 अगस्त को हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग संबंधी MoU और IOCL-STC के दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते का आदान-प्रदान हुआ।
तेल एवं गैस सहयोग संबंधी MoU के तहत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के साथ–साथ मॉरीशस के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण तथा जैव ईंधन के क्षेत्र में सहयोग को भी संस्थागत रूप दिया गया है।
यह समझौता किसी भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी द्वारा दक्षिण एशिया के बाहर हाल के वर्षों में किया गया पहला दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता भी है।
हिंद महासागर में भारत बना भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार
भारत आज दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है। देश की 23 रिफाइनरियों से प्रतिवर्ष करीब 267 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद तैयार होते हैं और भारत रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का शुद्ध निर्यातक है।
भारत पहले से ही नेपाल और भूटान की पेट्रोलियम जरूरतों को पूरा करने के साथ क्षेत्र के अन्य देशों को भी बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के दौरान भी भारत ने नेपाल और भूटान को अपनी आपूर्ति प्रतिबद्धताएं पूरी की हैं।
मॉरीशस के साथ हुआ नया समझौता भारत को वहां का प्रमुख और भरोसेमंद ईंधन आपूर्तिकर्ता बनाता है। इससे न केवल मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक और आर्थिक मौजूदगी भी और मजबूत होगी।
मेर रूज में बनेगी 27.5 हजार टन की मरीन फ्यूल सुविधा
हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस यात्रा के दौरान पोर्ट लुइस के मेर रूज में India Oil (Mauritius) Ltd. की 27.5 TMT क्षमता वाली बंकर मरीन फ्यूल स्टोरेज सुविधा की आधारशिला रखी। यह सुविधा मॉरीशस के समुद्री ईंधन भंडारण और आपूर्ति ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस दौरान श्री पुरी ने मॉरीशस के ऊर्जा एवं सार्वजनिक उपयोगिता मंत्री पैट्रिक गेर्वाइस असिरवाडेन, वाणिज्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री जॉन माइकल त्ज़ून साओ येउंग सिक युएन तथा विदेश मामलों, क्षेत्रीय एकीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री धनंजय रामफुल के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की।
भारत और मॉरीशस के बीच हुआ MoU केवल पारंपरिक पेट्रोलियम उत्पादों तक सीमित नहीं है। इसमें जैव ईंधन के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध और प्रशिक्षण को भी शामिल किया गया है।
मॉरीशस ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA) का संस्थापक सदस्य है। भारत की पहल पर जी-20 की अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए GBA के तहत मॉरीशस के ऊर्जा एवं सार्वजनिक उपयोगिता मंत्रालय के साथ मिलकर देश के लिए Biofuels Country Landscape Policy Framework तैयार किया जा रहा है।
21 अगस्त को हरदीप सिंह पुरी और पैट्रिक गेर्वाइस असिरवाडेन ने इस नीति ढांचे के शुभारंभ को संयुक्त रूप से देखा। यह मॉरीशस के ऊर्जा संक्रमण और जैव ईंधन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“भारत सिर्फ ईंधन नहीं, ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा दे रहा है –हरदीप सिंह पुरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत लगातार एक विश्वसनीय और जिम्मेदार ऊर्जा साझेदार के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। मॉरीशस के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता वहां की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देगा और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई ऊर्जा देगा। और मॉरीशस के बीच हुआ यह समझौता ऊर्जा, समुद्री क्षेत्र, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
समझौते के आदान-प्रदान के अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अध्यक्ष अरविंद सिंह साहनी भी उपस्थित रहे।समझौते के आदान-प्रदान के अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अध्यक्ष अरविंद सिंह साहनी भी उपस्थित रहे।
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