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वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन संस्थापक स्व.पंडित मांगेराम शर्मा को वैश्विक फलक पर दी गई भावभीनि श्रद्धांजलि


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सी एम पपनैं

नई दिल्ली। वैश्विक फलक पर ब्राह्मणों का परचम लहराने वाले वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) संस्थापक व चेयरमैन स्व.पंडित मांगेराम शर्मा (बाबू जी) को भावभीनि श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन द्वारा 22 अक्टूबर को वैश्विक फलक पर आनलाइन तथा 23 अक्टूबर को हुडा जिमखाना क्लब गुरुग्राम हरियाणा मे अपार जनसमूह के मध्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

22 अक्टूबर को वैश्विक फलक पर आयोजित आनलाइन श्रद्धांजलि मे विश्व के अनेको देशो मे वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन अध्यक्षों मे प्रमुख डाॅ साधना जोशी नॉर्थ अमेरिका, शैलेन्द्र रामकिशन माॅरीशस, डाॅ ओम शर्मा यूएसए के साथ-साथ केन्द्रीय रक्षा व पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट, ज्ञानप्रकाश उपाध्याय (आईएएस) सिक्कम, टीभीएसएन प्रसाद (आईएएस) अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग हरियाणा, शिवरामण गौड़ (एसडीएम) हरियाणा, पीभीएसएन सिमैया जी पीठाध्यक्ष मंत्रराज पीठम तिरुपति, शृंगेरी प्राचार्य राघवेन्द्र भट्ट, प्रो.(डाॅ) राधेश्याम शर्मा, पंडित आर एस गोस्वामी, उपाध्यक्ष (डब्ल्यूबीएफ), शशिकांत शर्मा मुख्य महासचिव (डब्ल्यूबीएफ), अंबर स्वामी, यूथ अध्यक्ष (डब्ल्यूबीएफ) तथा के सी कौशिक के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्य अध्यक्षों मे प्रमुख अरविंद ओझा (छत्तीसगढ़), राजीव पांडे (झारखंड), श्रीकृष्ण शर्मा (तेलंगाना), बलवीर शर्मा (दिल्ली), दिवाकर द्विवेदी (बनारस), कैलाशपति शर्मा (जम्मू-कश्मीर), केन्द्र प्रकाश शर्मा (पंजाब) इत्यादि इत्यादि द्वारा बाबू जी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डालकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वैश्विक फलक पर आयोजित आनलाइन श्रद्धांजलि का संचालन वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन अध्यक्ष के सी पांडे द्वारा संचालित किया गया।—————————————-
सी एम पपनैं

 

वक्ताओ द्वारा कहा गया, वर्ष 2005 अमरीका, 2007 लंदन तथा बाद के वर्षों मे ओमान, माॅरीशस, सिंगापुर, बैंकाक, हॉलैंड तथा कनाडा मे ब्राह्मण संगठनो द्वारा आयोजित सभाओ को सम्बोधित कर ब्राह्मण समाजो के उत्थान के लिए बाबू जी ने अपने वक्तव्यो के द्वारा जो दूरदर्शी संदेश दिऐ उनका पालन करना होगा।

वक्ताओ द्वारा कहा गया, बाबू जी सदा जातिगत आरक्षण के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। विभिन्न सामाजिक संगठनो को एक मंच पर लाकर आरक्षण समाप्ति का अभियान ‘संयुक्त संस्था मंच’ की स्थापना कर तत्पर रहे। लाखों व्यक्तियों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को संविधान समीक्षा आयोग अध्यक्ष जस्टिस वैन्कटचलैया को सौप कर लोगों की भावनाओ से अवगत कराया था। सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण के विरुद्ध अपनी लड़ाई जीवन के अंतिम समय तक जारी रखी थी। बाबू जी के समर्पण व किए कार्यो को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा, उक्त कार्य भावी पीढी को प्रेरणा प्रदान करते रहैंगे।

वक्ताओ द्वारा व्यक्त किया गया, बाबू जी द्वारा वर्ष 2000 यूएसए मे विश्व ब्राह्मण संघ की स्थापना ब्राह्मणों के उत्थान के वृहद उद्देश्य के लिए वैश्विक फलक पर की गई थी। समय-समय पर वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर संगठन की मजबूती व उत्थान के लिए अथक प्रयास करते रहे। अमेरिकी संसद में तक डब्ल्यूबीएफ की गूंज उठी थी। देश के कई राज्यो मे समय-समय पर विगत दशकों मे अनगिन बैठके बाबू जी के अथक प्रयास से आयोजित की जाती रही। वर्तमान मे देश के 21 प्रांतों मे वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) महिला विंग भी बाबू जी से मिली प्रेरणा से संगठित होकर संगठन के लिए मजबूती से कार्य कर रही हैं।

वक्ताओ ने कहा, बाबू जी सदा व्यक्त किया करते थे, ब्राह्मण कभी हारा नहीं, न हीं पछाडा जा सकता है, क्योकि उसके पास वेदो का ज्ञान है। चुनौतियों को गहराई से समझना होगा, उनसे पार पाना होगा। ब्राह्मणों के अंदर आगे आने की आग होनी चाहिये। ब्राह्मणों ने दुनिया के लिए बहुत कुछ किया है। ब्राह्मणों को अपने ब्राह्मण होने पर गर्व होना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को ब्राह्मणों के महत्व व प्रत्येक युग मे ब्राह्मणों के ज्ञान व शिक्षा के बल समाज के विभिन्न वर्गो को मिली सफलता, समरसता व सिद्धि को बताना परमावश्यक है।

वक्ताओ ने कहा, ब्राह्मणों के उत्थान के लिए समर्पित रहे महामना मदन मोहन मालवीय के बाद ब्राह्मणों के लिए आजीवन समर्पित रहे लोगों मे पंडित मांगेराम शर्मा (बाबू जी) का नाम प्रेरणा स्वरूप लिया जा सकता है। बाबू जी कहा करते थे, किसी भी व्यवसाय में विद्या ज्ञान सबसे बड़ा है, जो ब्राह्मणों के पास है। धर्म, संस्कृति, कला, साहित्य, विज्ञान एव प्रोद्योगिकी, राजनीति तथा शिक्षा के क्षेत्र मे, ब्राह्मणों का अमिट योगदान रहा है। बदलते परिवेश मे कैसे ब्राह्मण समाज अपने सांस्कृतिक मूल्यों मे बदलाव करे, यह चुनौती है। ब्राह्मण मतलब ज्ञान देने वाला। इस परिपाठी को जिंदा रखना होगा। ज्ञान के आधार पर अपने आप को स्थापित रखा जा सकता है। वक्ताओ ने कहा, बाबू जी बैठकों मे कहा करते थे, ब्राह्मण सबको साथ लेकर चलता है। पूज्यनीय कहलाया जाता है। सतयुग, त्रेता, द्वापर मे ब्राह्मण को सम्मान मिला, वह कभी अत्याचारी नही रहा। सबको अपनी कम्युनिटी को समय देना होगा। ब्राह्मणों मे बहुत प्रतिभा है, जिसे सम्मान देकर, सही निर्णय लेकर आगे बढ़ाना होगा।

 

वक्ताओ ने कहा, राजनैतिक व्यवस्था के क्रिया कलापो से बाबू जी बहुत दुखी थे, वे कहा करते थे, आज ब्राह्मणों को अपने स्वयं व अपने समाज के लिए करने की जरूरत आ पडी है। आज समय की मांग है, सब ब्राह्मण अपने समाज के जरूरत मंद व अभावग्रस्तो की मदद करे। पद से बड़ा कद है। ब्राह्मण जनो की विचारधारा अलग-अलग हो सकती है, ब्राह्मणों को इकठ्ठा कर ताकत दिखाना भी समय की मांग बन गई है। स्वाभिमान की लडाई है। जिसकी जितनी बडी संख्या उसका उतना बड़ा सम्मान, यह एक सोच बन गई है। अन्य वर्गो से ज्यादा वंछित आज ब्राह्मण समाज हैं। काम व लाभकारी योजनाऐ बनाई हैं तो समाज के अन्य वर्गो के लिए। आज ब्राह्मण अपने हक के लिए जो चुनोतीपूर्ण संघर्ष कर रहा है, यह सब आने वाली पीढी के लिए होगा। ब्राह्मण जन इस बात को समझ, इकठ्ठा हों। उद्देश्य के साथ संगठन के लिए काम करना आवश्यक है।

वक्ताओ ने कहा, समय की मांग है, वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन (डब्ल्यूबीएफ) के बैनर तले इकठ्ठा होकर अभाव ग्रस्त व गरीब ब्राह्मणों की मदद के लिए राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर सभी ब्राह्मणों को आगे आना होगा, संगठन को मजबूत दिशा देनी होगी। बाबू जी के बडे बेटे रविकांत शर्मा व छोटे भाई शशि कांत शर्मा को वर्ल्ड ब्राह्मण फैडरेशन के सभी पदाधिकारियों के साथ मिल बैठ कर जिम्मेवारियो को निष्ठा पूर्वक निभाना होगा, बाबू जी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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