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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एच.डी. कुमारस्वामी और रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना रहे मौजूद
Amar sandesh नई दिल्ली/ बैंगलुरू। देश में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को विस्तार देते हुए भारतीय रेलवे ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को एसएमवीटी बेंगलुरु से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई के बीच संचालित होने वाली इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस नई रेल सेवा से देश के दो प्रमुख आर्थिक एवं व्यावसायिक केंद्रों के बीच आवागमन और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। खासतौर पर आईटी क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। रात्रिकालीन यात्रा की सुविधा के कारण यात्री रात में सफर कर अगले दिन अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे, जिससे उनके दिन का समय भी बचेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि बेंगलुरु देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी है, जबकि मुंबई देश की वित्तीय राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखती है। नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों को आधुनिक रेल संपर्क से जोड़ने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि इस सेवा से उत्तर कर्नाटक के उन क्षेत्रों को भी बेहतर रेल सुविधा मिलेगी, जहां पहले प्रीमियम रेल सेवाओं की उपलब्धता सीमित थी।
नौ प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस अपने सफर के दौरान आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और गुंतकल, कर्नाटक के रायचूर, यादगीर, वाडी और कलबुर्गी तथा महाराष्ट्र के सोलापुर, पुणे और कल्याण सहित प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे तीन राज्यों के अनेक शहरों और कस्बों के यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक के यात्रियों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन एसएमवीटी बेंगलुरु से शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के सीएसएमटी पहुंचेगी। वापसी में मुंबई से रात 8 बजकर 10 मिनट पर प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से सोमवार और मुंबई से मंगलवार को इसका संचालन नहीं होगा।
बेंगलुरु-मंगलुरु के बीच भी शुरू होगी वंदे भारत सेवा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने और सफल परीक्षण के बाद आगामी कुछ सप्ताह में इस सेवा के शुरू होने की उम्मीद है। इससे राज्य के तटीय क्षेत्रों और राजधानी बेंगलुरु के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू की जाएगी, जो राज्य के उत्तरी हिस्सों को हुबली क्षेत्र से जोड़ते हुए पुणे और मुंबई की ओर जाएगी।
रेल मंत्री ने भविष्य की रेल कनेक्टिविटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बेंगलुरु-चेन्नई के बीच प्रस्तावित यात्रा समय लगभग 73 मिनट तथा बेंगलुरु-हैदराबाद के बीच लगभग 2 घंटे 10 मिनट होने की बात कही।
रेलवे के विकास पर ₹52 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक, विशेषकर उत्तर कर्नाटक में रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे के बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ने से न केवल नई परियोजनाओं को गति मिली है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। उन्होंने रेलवे की कवच सुरक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि रेल दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और इसे शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्नाटक के लोगों के साथ-साथ बेंगलुरु में रहने वाले पश्चिम बंगाल, असम और बिहार सहित अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से लोगों की आवाजाही और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की रेलवे बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को गति देने, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण, रेल सेवाओं के विस्तार तथा बेंगलुरु सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया।
क्षेत्रीय विकास और आम यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पहल
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत केवल दो महानगरों के बीच नई रेल सेवा शुरू होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तीन राज्यों के बीच व्यापार, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक स्लीपर कोच और रात्रिकालीन यात्रा की सुविधा से लंबी दूरी के यात्रियों को अधिक आरामदायक विकल्प मिलेगा।
भारतीय रेलवे की ओर से लगातार आधुनिक ट्रेनों और बेहतर रेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में नई वंदे भारत स्लीपर सेवा से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने और देश के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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