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सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन पर पीएनबी ने निकाला ‘साइक्लोथॉन 2026’, साइकिल चलाकर दिया सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश

Amar sandesh नई दिल्ली, 1 नवंबर। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) की ओर से नई दिल्ली के द्वारका स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में ‘साइक्लोथॉन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह की इस विशेष पहल के माध्यम से बैंक ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और सामूहिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ (Probity for Prosperity) रखी गई है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित साइक्लोथॉन का शुभारंभ पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्र तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेंद्र कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

कार्यक्रम में पीएनबी के कार्यकारी निदेशक डी. सुरेंद्रन ने स्वयं साइकिल चलाकर बैंक के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों का नेतृत्व किया। उनकी सहभागिता ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया और संस्थान में नेतृत्व, अनुशासन तथा कार्यगत निष्ठा का संदेश दिया।

इस अवसर पर पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अशोक चंद्र ने कहा कि बैंक में सतर्कता केवल नियमों और प्रक्रियाओं के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्थागत कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यही संस्कृति बैंक के दैनिक कामकाज और निर्णय लेने की प्रक्रिया को दिशा प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि साइक्लोथॉन कार्यगत सत्यनिष्ठा, शारीरिक सजगता और नैतिक मूल्यों की साझा यात्रा का प्रतीक है। इस तरह के आयोजन स्वच्छ, पारदर्शी और नैतिक रूप से सुदृढ़ संगठन के निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करते हैं।

पीएनबी की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान देशभर में विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन पहलों के माध्यम से बैंक कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ आमजन को भी सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

साइक्लोथॉन 2026 के माध्यम से पीएनबी ने यह संदेश दिया कि किसी भी संस्थान की मजबूती केवल उसकी आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक प्रतिबद्धता से भी तय होती है।

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