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उत्तरपड़ा माखला:। भक्ति की पावन गंगा जब जन-मानस के हृदय से होकर गुजरती है, तो संपूर्ण परिवेश शिवमय हो जाता है। माखाला स्थित श्री श्री विशेश्वर नाथ मंदिर के प्रांगण में आयोजित वार्षिकोत्सव में आस्था का ऐसा ही अपूर्व ज्वार देखने को मिला। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान देवाधिदेव महादेव, ममतामयी जगत जननी माँ दुर्गा और संकटमोचन हनुमान जी की दिव्य प्रतिमाओं का तेज भक्तों को अपनी ओर बरबस ही खींच रहा था। श्रद्धा के इस त्रिवेणी संगम में जहाँ एक ओर महादेव का वैराग्य था, वहीं दूसरी ओर माँ दुर्गा की शक्ति और हनुमान जी की अनन्य भक्ति का अनूठा सामंजस्य परिलक्षित हो रहा था।
आचार्य पंडित अरविंद तिवारी के सुयोग्य नेतृत्व में जब वैदिक ऋचाओं का पाठ आरंभ हुआ, तो हवन कुंड से उठती आहुतियों की सुगंध ने पूरे आकाश को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया। इस पुनीत अवसर पर राजनैतिक मर्यादाओं को परे रख भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दीपांजन चक्रवर्ती और टीएमसी उम्मीदवार शीर्षन्य बंदोपाध्याय ने एक साथ देवालय में मत्था टेका, जो समाज में सौहार्द का एक सुंदर संदेश दे गया। इनके साथ ही लक्ष्मी नारायण सिंह, मुन्ना सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अनिल सिंह मास्टर, अनिल कुलशयांन, विमल केजरीवाल, विजय कुमार सोमानी, गौरी शंकर मुंद्रा और ए के पानीग्रही जैसे गणमान्य जनों ने इस अनुष्ठान में अपनी उपस्थिति से गरिमा प्रदान की।
मंदिर के अध्यक्ष उदयभान सिंह, सचिव नवीन पाठक और कोषाध्यक्ष राधेश्याम सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव ने उस समय विराट रूप ले लिया, जब ‘विशाल भंडारे’ का शुभारंभ हुआ। हज़ारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु भक्तों ने पूर्ण अनुशासित होकर प्रसाद ग्रहण किया, जहाँ सेवा का भाव हर चेहरे पर मुस्कान बनकर तैर रहा था। इस महायज्ञ को सफल बनाने में कंचन सिंह, नीलम सिंह, पुष्पा सिंह, सोनी सिंह और जूही सिंह जैसी मातृशक्तियों ने समर्पण की पराकाष्ठा सिद्ध की।
वहीं दूसरी ओर झुना राय,अनिल सिंह, ब्रिजकिशोर पांडे, तहसीलदार सिंह, संजय सिंह ओंकार, श्री प्रकाश सिंह, दिलीप मिश्रा, पवन शुक्ला, रमेश पांडे, रंग बहादुर सिंह, कमलेश सिंह, सत्यदेव शुक्ला, नवल सिंह, कृष्णदेव शुक्ला, ओम प्रकाश चौधरी, गोपाल कृष्ण ओझा, नीरज ओझा, कामाख्या सिंह, शैलेंद्र सिंह, अजय सिंह, काशी, शंकर, अभिषेक सिंह, अभिजीत सिंह, दिग्विजय सिंह, रोहित गुप्ता, तरकेश्वर सिंह, सचिन पांडे, मनोज सिंह, अशीष सिंह, नंद लाल ब्यास, आनंद मिश्रा, जय प्रकाश, पंडित आत्मा प्रकाश पांडेय और बिनय तिवारी सहित समस्त कार्यकर्ताओं ने अपनी अनथक सेवा से इस आयोजन को माखाला के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया। भक्ति, शक्ति और सेवा का यह संगम देर रात तक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, जिससे संपूर्ण क्षेत्र शिव की आराधना और शक्ति की उपासना के उल्लास में डूबा नजर आया।
माखला की गलियों में आज भी उस भक्तिमयी संध्या की गूँज है। श्री श्री विशेश्वर नाथ मंदिर का यह उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक श्रद्धा और अटूट विश्वास का विजयघोष था, जिसने समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरो दिया।
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