Post Views: 0
देश के सबसे बड़े एनबीएफसी समूह के रूप में पीएफसी ने विकास यात्रा का किया स्मरण, राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया
Amar sandesh नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी वित्तीय संस्था पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) ने 16 जुलाई 2026 को अपना 41वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्था ने पिछले चार दशकों की उपलब्धियों को याद करते हुए देश के ऊर्जा एवं आधारभूत संरचना क्षेत्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पीएफसी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) परमिंदर चोपड़ा ने कहा कि पीएफसी ने निरंतर विकास, पारदर्शिता और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के बल पर देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) समूह के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम में निदेशक (सरकारी नामित) शशांक मिश्रा, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार अग्रवाल, निदेशक (वाणिज्यिक) वी. पक्किरीसामी, मुख्य सतर्कता अधिकारी राजेश कुमार सिंह तथा स्वतंत्र निदेशक पंकज गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पीएफसी ने अपने कर्मचारियों, हितधारकों, सहयोगी संस्थाओं और सभी भागीदारों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से संस्था ने देश के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
क्या है पीएफसी और कब हुई इसकी स्थापना?
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्थापना 16 जुलाई 1985 को भारत सरकार ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के बिजली उत्पादन, पारेषण (Transmission), वितरण (Distribution), नवीकरणीय ऊर्जा तथा अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। आज पीएफसी देश की सबसे बड़ी सरकारी एनबीएफसी में शामिल है और ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं को वित्तपोषित करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और यह भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है।
देश में ऊर्जा सुरक्षा, बिजली अवसंरचना के विस्तार और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने में पीएफसी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है, जिससे यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मजबूत वित्तीय भागीदार के रूप में स्थापित हो चुकी है।
Related