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श्रीनगर (उत्तराखंड)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) के सौजन्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आगामी 20 जुलाई से 1 अगस्त, 2026 तक विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के संरक्षण, एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी एवं कार्यक्रम समन्वयक हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग आचार्य प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार के मार्गदर्शन में ‘भारतीय भाषाओं की समरसता एवं बहुलता का स्वरूप’ विषय पर दो सप्ताह का ऑनलाइन राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किया जाएगा। आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, भाषाविद् एवं साहित्यकार भारतीय भाषाओं के विविध आयामों पर अपने विचार रखेंगे। 
भारतीय भाषाओं पर आधारित उक्त कार्यक्रम की महत्ता को देखते हुए विगत 16 जुलाई को एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. डी एस नेगी की अध्यक्षता, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार, एमएमटीटीसी संयुक्त निदेशक डॉ राहुल कुँवर, सहायक निदेशक डॉ सोमेश थपलियाल, डॉ अमरजीत परिहार इत्यादि इत्यादि की प्रभावी उपस्थिति में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में
कार्यक्रम के निमित्त गहन विचार विमर्श करने के उपरांत उक्त निर्णय लिया गया था।
कार्यक्रम समन्वयक हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग आचार्य प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार द्वारा अवगत कराया गया, आयोजित किए जा रहे रिफ्रेशर कोर्स का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य के अनुरूप भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा, उनकी समरसता, बहुलता, पारस्परिक संबंध, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता में उनकी भूमिका पर गंभीर अकादमिक विमर्श को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय भाषाओं के साहित्यिक वैविध्य, भारतीय साहित्य एवं भारत-बोध, हिमालयी क्षेत्र की भाषाओं एवं उनके साहित्य, भारतीय भाषाओं के अंतर्संबंध तथा संस्कृति के संरक्षण में भारतीय भाषाओं के योगदान, पूर्वोत्तर की भाषाएं एवं साहित्य, भारतीय बोलियों के साहित्य में जीवन मूल्य, जैसे विषयों पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े ख्याति प्राप्त विद्वानों, साहित्यकारों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार द्वारा अवगत कराया गया,
आयोजित किया जा रहा रिफ्रेशर कोर्स विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसमे देश के विभिन्न प्रांतों के शिक्षक सहज रूप से सहभागिता कर सकेंगे। सभी सत्रों में नियमित उपस्थिति दर्ज कराने तथा मूल्यांकन परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों को यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे जो कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के लिए मान्य होगा।
एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी द्वारा अवगत कराया गया, भारतीय भाषाओं पर यह पहला ऐसा पुनश्चर्या पाठ्यक्रम होगा जो भारत की सामाजिक संस्कृति को भाषाओं के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का सेतु बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। साथ ही भारतीय भाषाओं की बहुलतापूर्ण परंपरा, उनकी सांस्कृतिक विरासत और समकालीन प्रासंगिकता पर राष्ट्रीय स्तर पर सार्थक संवाद का मंच प्रदान करेगा। कहा गया, आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, भाषायी विविधता और राष्ट्रीय एकात्मता के विमर्श को नई दिशा मिलने की अपेक्षा है।
अवगत कराया गया, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे पाठ्यक्रम के लिए अस्सी से अधिक प्रतिभागियों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। पंजीयन का क्रम जारी रखा गया है। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार द्वारा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों से समय रहते यूजीसी के एमएमसी पोर्टल पर पंजीकरण कर इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की गई है। अवगत कराया गया, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है।
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