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टेक्सटाइल क्षेत्र में नई नीति और औद्योगिक संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन
Amar sandesh नई दिल्ली, 17 जुलाई। भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय वैश्विक टेक्सटाइल प्रदर्शनी भारत टेक्स-2026 के अंतिम दिन बिहार सरकार ने राज्य को उभरते हुए टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। बिहार पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, आधुनिक आधारभूत संरचना तथा निवेश प्रोत्साहन योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जिससे देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित हुआ।
पवेलियन में आयोजित बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी-टू-जी) बैठकों के दौरान निवेशकों को बिहार की संशोधित टेक्सटाइल एवं लेदर नीति-2025 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और वित्तीय लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उद्योग विभाग के अनुसार कई प्रमुख उद्यमियों ने बिहार में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई।
प्रदर्शनी में बिहार की पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र विरासत भी आकर्षण का केंद्र रही। भागलपुरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, सुजनी और खटवा वर्क जैसे जीआई टैग प्राप्त उत्पादों ने विदेशी खरीदारों और आगंतुकों को प्रभावित किया। इसके साथ ही आधुनिक गारमेंट उद्योग में राज्य की संभावनाओं को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तथा खरीदारों के साथ कई दौर की बैठकें कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। विभाग का कहना है कि टेक्सटाइल क्षेत्र में नए निवेश से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, विशेषकर युवाओं और महिला कारीगरों को इसका लाभ मिलेगा।
भारत टेक्स-2026 में बिहार पवेलियन को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से राज्य के टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। उद्योग विभाग का मानना है कि नई नीतियों और उद्योग-अनुकूल वातावरण के बल पर बिहार आने वाले समय में देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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