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तटरक्षक बल के हर परिवार के लिए खुशखबरी, महिलाओं को बराबरी का अधिकार, लापता जवानों के परिवारों को तुरंत मिलेगा सम्मान और सहारा”–राजनाथ सिंह

Amar sandesh नई दिल्ली।देश की समुद्री सुरक्षा को और अधिक सशक्त तथा मानवीय बनाने की दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए दो ऐतिहासिक नीतिगत सुधारों की घोषणा की है। इन फैसलों से एक ओर महिला अधिकारियों को पुरुषों के समान भर्ती और करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि और अन्य लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाएगी।
नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि तथा कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल ने पिछले पांच दशकों में देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियानों और मानवीय सेवाओं में अद्वितीय योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये दूरदर्शी सुधार बल के मनोबल और परिचालन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे, क्योंकि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है।
महिलाओं के लिए खुले समान अवसर
नई नीति के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती पूरी तरह जेंडर-न्यूट्रल होगी। अब महिला उम्मीदवारों को पुरुष अधिकारियों के समान शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (PA) का अवसर मिलेगा। साथ ही, एसएसए का विकल्प अब पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी उपलब्ध रहेगा।
इतना ही नहीं, पहले से कार्यरत महिला अधिकारियों को भी पात्रता पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा। वर्तमान महिला एसएसए अधिकारियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार अपनी सेवा को स्थायी नियुक्ति (PA) में बदलने का विकल्प दिया जाएगा। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण और सशस्त्र बलों में समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शहीदों और लापता जवानों के परिवारों को बड़ी राहत
दूसरे बड़े फैसले के तहत यदि कोई भारतीय तटरक्षक कर्मी ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाता है, तो अनुग्रह राशि और अंतिम सेवा लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से उसे ‘मृत मानने’ की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इससे परिवारों को लंबे प्रशासनिक इंतजार और कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी तथा कठिन समय में आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध हो सकेगी।
परिवारों में खुशी, बल का बढ़ेगा मनोबल
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों और उनके परिवारों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। महिला अधिकारियों के लिए समान अवसर और ड्यूटी के दौरान जान जोखिम में डालने वाले कर्मियों के परिवारों के लिए त्वरित सहायता, दोनों ही कदम सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं।
इन ऐतिहासिक निर्णयों से न केवल भारतीय तटरक्षक बल का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि देशभर के तटरक्षक परिवारों में भी संतोष और खुशी की लहर देखने को मिलेगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप एक आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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