भारतीय तटरक्षक बल की 14 फास्ट पेट्रोल वेसल परियोजना में पहली बार स्वदेश में निर्मित मरीन जेट पावर (MJP) वॉटर जेट सिस्टम का होगा उपयोग, विदेशी तकनीक पर निर्भरता होगी कम
Amar sandesh नई दिल्ली। भारत ने समुद्री रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गोवा स्थित एमजेपी इंडिया (MJP India) में स्वदेशी रूप से निर्मित मरीन जेट पावर (MJP) वॉटर जेट के फैक्ट्री एक्सेप्टेंस ट्रायल (FAT) सफलतापूर्वक संपन्न हो गए। इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल, क्लासिफिकेशन सोसायटी तथा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षण का निरीक्षण किया।
यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत देश की समुद्री रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।एमजेपी इंडिया की यह अत्याधुनिक निर्माण एवं परीक्षण इकाई स्वीडन की MJP AB से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) के माध्यम से स्थापित की गई है, जहां उन्नत वॉटर जेट प्रणोदन प्रणालियों का निर्माण और परीक्षण किया जा रहा है।
भारतीय तटरक्षक बल की 14 फास्ट पेट्रोल वेसल (FPVs) परियोजना, जिसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड कर रहा है, देश की पहली स्वदेशी जहाज निर्माण परियोजना है जिसमें पूरी तरह भारत में निर्मित MJP वॉटर जेट प्रणोदन प्रणाली लगाई जाएगी।
इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने एक ऐसे महत्वपूर्ण समुद्री प्रणोदन तंत्र के स्वदेशीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसे अब तक विदेशों से आयात किया जाता था। इससे रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुदृढ़ होगी, विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs) पर निर्भरता कम होगी तथा रखरखाव और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता भविष्य में भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ देश को समुद्री रक्षा तकनीक के क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाएगी।