हरियाणाहिमाचल प्रदेश

एनएचपीसी ने मनाया 52वां स्थापना दिवस, 2047 तक 50 हजार मेगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य

देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही नवरत्न कंपनी, वर्तमान में 9,583 मेगावाट की स्थापित क्षमता

 

 

Amar sandesh दिल्ली/फरीदाबाद। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड ने 7 नवंबर 2026 को अपना 52वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर फरीदाबाद स्थित निगम के कॉर्पोरेट कार्यालय सहित देशभर के क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं एवं विभिन्न इकाइयों में समारोह आयोजित किए गए।

फरीदाबाद स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में समारोह का शुभारंभ एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता द्वारा निगम का ध्वज फहराने और एनएचपीसी गीत के गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम में निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी) सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (वित्त) महेश कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) परेश आर. राणपरा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। देशभर में स्थित एनएचपीसी के विभिन्न कार्यालयों एवं परियोजनाओं के अधिकारी और कर्मचारी भी वेबकास्ट के माध्यम से समारोह से जुड़े।

इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए भूपेंद्र गुप्ता ने एनएचपीसी परिवार के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, सुरक्षा कर्मियों तथा संविदा कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 7 नवंबर 1975 को स्थापना के बाद से अब तक की निगम की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच दशकों के दौरान एनएचपीसी ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए जलविद्युत क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कंपनी को देश की सबसे बड़ी जलविद्युत कंपनी के रूप में स्थापित करने में कर्मचारियों के समर्पण, दक्षता और टीम भावना की सराहना की।

9,583 मेगावाट की वर्तमान स्थापित क्षमता

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने बताया कि एनएचपीसी की वर्तमान स्थापित क्षमता 9,583 मेगावाट है, जबकि लगभग 8,954 मेगावाट क्षमता की 17 परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। कंपनी जलविद्युत के साथ-साथ सौर, पवन एवं पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। इसके अतिरिक्त ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी नई पहल की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की पांच इकाइयां, जिनकी कुल क्षमता 1,250 मेगावाट है, सफलतापूर्वक चालू की जा चुकी हैं। वहीं 2,880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सौर ऊर्जा और जलविद्युत परियोजनाओं में महत्वपूर्ण उपलब्धियां

कंपनी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा 300 मेगावाट क्षमता की कर्णिसर सौर ऊर्जा परियोजना, बीकानेर का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा अक्टूबर 2023 में उत्तरी सिक्किम में आई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) आपदा से व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त तीस्ता-V पावर स्टेशन की तीनों इकाइयों को सफलतापूर्वक दोबारा चालू करना भी निगम की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।

2047 तक 50 हजार मेगावाट क्षमता का लक्ष्य

एनएचपीसी ने भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। निगम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031-32 तक अपनी स्थापित क्षमता को बढ़ाकर 23,000 मेगावाट तथा वर्ष 2047 तक 50,000 मेगावाट तक पहुंचाना है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान दिया जा रहा है।

डिजिटल परिवर्तन की दिशा में भी एनएचपीसी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम में 1 सितंबर 2026 को SAP ERP प्रणाली का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन एवं गो-लाइव किया जाना कंपनी की डिजिटल यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि बताया गया।

कर्मचारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

अपने संबोधन में भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि एनएचपीसी की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी हैं। उन्होंने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारों के योगदान की सराहना की। इस दौरान तीस्ता-VI परियोजना में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले 25 कर्मियों, जिनमें एनएचपीसी के दो युवा इंजीनियर भी शामिल थे, को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने कर्मचारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र निर्माण में एनएचपीसी की भूमिका और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी रेखांकित किया गया। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने वर्ष 2070 तक भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में निगम की सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय, विभिन्न राज्य सरकारों तथा सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने एनएचपीसी परिवार के सभी सदस्यों से ‘एक एनएचपीसी, एक विजन, एक मिशन’ की भावना के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने, स्वच्छ ऊर्जा विकास को गति देने और सतत विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में निगम निरंतर आगे बढ़ सके।

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