एनटीपीसी, आरईसी और पावर ग्रिड के द्वारा बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान की सरहाना की केन्द्रीय मंत्री ने

दिल्लीें। केद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री आर. के. सिंह ने  बिहार में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और सुविधाओं का उद्घाटन किया। एक जिम्मेदार निगम के रूप में, राष्ट्र का सबसे बड़ा बिजली उत्पादक, एनटीपीसी, बिहार के लोगों के लाभ हेतु एक बुनियादी ढांचे का निर्माण करके अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व को पूर्ण कर रहा है।
 इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री सिंह ने एनटीपीसी, आरईसी और पावर ग्रिड के द्वारा बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान की सरहाना की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत दुनिया के सबसे बड़े उद्योगों में शामिल ये कंपनियां सर्वाधिक पेशेवर और कुशल संगठनों में से एक हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा इकाईयां अपने शानदार प्रदर्शन के लिए भी जानी जाती हैं, ये कंपनियां देश भर के गांवों में सामाजिक विकास के कार्य पर भी ध्यान केंद्रित करती है। इन कंपनियों ने महामारी के दौरान व्यापक स्तर पर योगदान देते हुए अपने कर्मचारियों की भी पूर्ण देखरेख की है। इसके अलावा, एनटीपीसी एक आईटीआई का विकास और एम्स, बिहार में एक वार्ड का निर्माण कर रहा है, जिससे बिहार के लोगों को अत्यधिक लाभ होगा। एनटीपीसी ने राज्य में 6150 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, 3800 मेगावाट क्षमता का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों ने देश को व्यापक स्तर पर जोड़ा है। सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत इकाईयों ने अपनी लगन के साथ पिछले पांच वर्षों में लगभग 1.25 लाख मेगावाट बिजली क्षमता में वृद्धि करते हुए भारत को एक विद्युत अधिशेष राष्ट्र की श्रेणी में ला दिया है। हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, हर भारतीय परिवार में बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए विद्युत क्षेत्र में एक क्रांति ला दी है।
उद्घाटन समारोह के दौरान अपने संबोधन में, आरईडी (ईआर1) एनटीपीसी के श्री असित कुमार मुखर्जी ने कहा कि हम अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति वचनबद्ध हैं और बिहार के लोगों के प्रति हम अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। राज्य में 6 परियोजनाओं के साथ, हमें राज्य की विद्युत आवश्यकता में योगदान करते हुए अत्यन्त प्रसन्नता का अनुभव हो रहा हैं। हम बिहार में हर नागरिक के चेहरे पर खुशी लाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इन परियोजनाओं के माध्यम से लोगों को त्योहारों और सामाजिक समारोहों को मनाने जैसे पारिवारिक और सामुदायिक कार्यों के लिए बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्रदान करने से बेहद लाभ मिलेगा इसके अलावा, संदेश और अगिआंव क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बेहतर चिकित्सा सहायता के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध होगा।
परियोजनाओं में चौरई, सरथुआ, बदुरा और भादुरपुर में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण; कोरी, बसौरी, मदनपुर और नरौनी में छठ घाटों; भटौली और नवादा बेन में स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और सारिपुर, त्रिकुल, पांडेयपुर, मोहनपुर टोला, मसाद, कल्याणपुर और इचरी में आर.ओ. संयंत्रों की स्थापना शामिल है।
उद्घाटन समारोह में अगिआंव और संदेश निर्वाचन क्षेत्रों के स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों और एनटीपीसी के अधिकारियों ने भाग लिया।
एनटीपीसी 62910 मेगावाट की अपनी कुल स्थापित क्षमता में से वर्तमान में बिहार को 6150 मेगावाट प्रदान कर रही है। 3800 मेगावाट क्षमता प्रदान करने का कार्य प्रगति पर है।
62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह के पास 70 बिजली स्टेशन हैं। इनमें 24 कोयला, 7 संयुक्त चक्र गैस/तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरणीय के साथ-साथ 25 सहायक व संयुक्त उपक्रम विद्युत स्टेशन शामिल हैं। समूह के पास 20 गीगावाट क्षमता के संयंत्र निर्माणाधीन हैं, जिनमें 5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं। समूह के पास निर्माणाधीन 20 गीगावाट क्षमता है, जिसमें 5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं।

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