Amar sandesh नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों और आम परिवारों तक पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार इन दोनों योजनाओं को अन्य केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ जोड़ रही है, ताकि किसानों, गरीब परिवारों और महिलाओं को सोलर ऊर्जा का लाभ आसानी से मिल सके।
सरकार ने बताया कि पीएम कुसुम योजना को कृषि अवसंरचना कोष (AIF), पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS), ‘प्रति बूंद अधिक फसल’, ऊर्जा दक्ष कृषि पंप और ग्राम ऊर्जा स्वराज अभियान जैसी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है। इससे किसानों को सोलर पंप लगाने, सिंचाई की लागत घटाने और खेती में बिजली पर होने वाले खर्च से राहत मिलेगी।
वहीं पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को भी जोड़ा जा रहा है। ‘सोलर दीदी’ कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को सोलर सिस्टम लगाने और उससे रोजगार के अवसर प्राप्त करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही बीपीएल परिवारों, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थियों और अन्य कमजोर वर्गों को डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) की सहायता से भी इस योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे इन योजनाओं को सहकारिता, पंचायती राज, कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं के साथ जोड़कर अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाएं।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी।
गांव के हर परिवार के लिए क्या फायदा?
किसानों को सोलर पंप लगाने में आसानी होगी।
बिजली बिल में बड़ी बचत होगी।
घरों की छत पर सोलर लगाकर मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा।
महिलाओं को सोलर तकनीक का प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
गरीब और पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
अगर आपके गांव में कोई किसान, बीपीएल परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी या महिला स्वयं सहायता समूह है, तो यह जानकारी उनके लिए बेहद उपयोगी है। अधिक से अधिक लोगों तक इसे जरूर पहुंचाएं।