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नई दिल्ली। “श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स को अपनी मज़बूत नींव और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ, भारत के बदलते परिदृश्य में अपना और अधिक योगदान देना चाहिए। अब यह संस्थान अपनी दूसरी शताब्दी में प्रवेश कर रहा है, इसके पास शिक्षा जगत और व्यावहारिक कार्यक्षेत्र के बीच, नवाचार और उत्तरदायित्व के बीच एक सेतु के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने का सुनहरा अवसर है।” ये शब्द दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू ने श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय के 100वें वार्षिक दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे। यह अवसर वाणिज्य और अर्थशास्त्र की शिक्षा के लिए देश-विदेश में विख्यात कॉलेज की एक सदी की निरंतर शैक्षिक उत्कृष्टता, शोध, नवाचार, संस्थागत विरासत और भारत के शैक्षिक, सामाजिक-आर्थिक तथा नीतिगत परिदृश्य में किए गए परिवर्तनकारी योगदानों का प्रतीक है।
श्रीधर श्रीराम सभागार में आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करने के पश्चात् सर श्रीराम जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और सरस्वती वंदना की गई, जिसके बाद राष्ट्रगीत और दिल्ली विश्वविद्यालय कुलगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रद्धा, उल्लास और उत्सव का वातावरण बनाया।
तत्पश्चात् अपने स्वागत भाषण में, कॉलेज प्राचार्या प्रो. सिमरित कौर ने कॉलेज की वर्षभर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कॉलेज अंतरविषयक शिक्षा, वैश्विक जुड़ाव और बदलती विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप नेतृत्व क्षमता के विकास पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अपने संबोधन में कॉलेज के शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) के अध्यक्ष प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी अजय एस. श्रीराम ने कॉलेज की गौरवशाली विरासत को याद किया और इसके शाश्वत मूल्यों को बनाए रखने तथा उन्हें आगे बढ़ाने की साझा ज़िम्मेदारी को दोहराया। उन्होंने दिवंगत अरुण जेटली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र के प्रति उनकी अनुकरणीय सार्वजनिक सेवा तथा अमूल्य योगदान का उल्लेख किया। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने विकास की कुछ प्रमुख प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का विस्तार, छात्राओं के छात्रावास का विस्तार, अंतरविषयक शोध को सुदृढ़ बनाना, ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप उद्यमिता को बढ़ावा देना और पूर्व छात्रों के साथ संस्थागत जुड़ाव को और अधिक गहरा करना शामिल है। इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य कॉलेज को एक विश्वस्तरीय संस्था के रूप में स्थापित करना है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे कॉलेज के पूर्व विद्यार्थी और इंडिया टी.वी. के अध्यक्ष, मुख्य संपादक एवं विख्यात पत्रकार रजत शर्मा ने अपने संबोधन में श्री राम कॉलेज से लेकर भारतीय पत्रकारिता जगत की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक बनने तक की अपनी यात्रा को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने दिवंगत अरुण जेटली को अपने मित्र और मार्गदर्शक के रूप में अत्यंत आदर और प्रेम के साथ स्मरण किया। उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों के विभिन्न क्षेत्रों सिनेमा, न्यायपालिका, कूटनीति, राजनीति और मीडिया में दूरगामी प्रभाव पर प्रकाश डाला और कॉलेज को एक ऐसे स्थायी परिवार के रूप में वर्णित किया, जो उनके दिल में हमेशा एक विशेष स्थान रखता है। उनके मतानुसार श्री राम कॉलेज का विकास और क्रमिक बदलाव, काफी हद तक स्वयं राष्ट्र की प्रगति और आकांक्षाओं को ही दर्शाता है।
मुख्य अतिथि उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अपने संबोधन में नेतृत्व, गहन चिंतन और राष्ट्र-निर्माण के केंद्र के रूप में श्री राम कॉलेज की ऐतिहासिक भूमिका पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “आज के तेज़ी से बदलते वैश्विक परिवेश में, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए नवाचार, समावेशिता और नीति-प्रासंगिक शोध को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं है; बल्कि इसका मूल उद्देश्य चरित्र-निर्माण, रचनात्मकता और गहन चिंतन-शक्ति का विकास करना है।”
कार्यक्रम के अगले चरण में कॉलेज द्वारा प्रकाशित पत्रिकाओं यमुना, बिज़नस एनालिसिस्ट, स्ट्राइड आदि का लोकार्पण मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया । सुधीर बिली गुप्ता, राजीव सहगल सहित कॉलेज के कुछ विशिष्ट पूर्व विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया| इसी क्रम में कॉलेज में इस वर्ष 25 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके प्राध्यापकों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया|
वार्षिक दिवस समारोह का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ, जिसमें छात्रों की शैक्षिक उत्कृष्टता, शोध-कार्य में विशिष्टता और पाठ्येतर गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा और भी अधिक गरिमामय बनाया गया; ये प्रस्तुतियाँ कॉलेज की उस बौद्धिक जीवंतता और समृद्ध परंपराओं का साक्षात् प्रतीक थीं, जिन्होंने लंबे समय से इस संस्थान की मूल भावना को परिभाषित किया है।
शताब्दी वार्षिक दिवस समारोह का समापन श्रीमती रीना चड्ढा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। प्रो. रुचि कौशिक एवं डॉ. अमित सचदेवा ने कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन किया |
रिपोर्ट प्रस्तुति -(प्रो. रवि शर्मा)संयोजक, मीडिया विभाग
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