माता श्री राजेश्वरी देवी ने ज्ञान से बदला लोगों का जीवन

नई दिल्ली, 5 अप्रैल। परमपूज्य श्री भोले जी महाराज एवं माता श्री मंगला जी ने कहां कि माता श्री राजेश्वरी देवी अपने समय की अलौकिक शक्ति और महान आध्यात्मिक विभूति थी। उन्होंने दुनिया के अनेक देशों में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार कर लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया।

माता श्री राजेश्वरी देवी की पावन जयंती, मातृशक्ति दिवस पर श्री हंसलोक जनकल्याण समिति द्वारा श्री हंसलोक आश्रम, नयी दिल्ली में आयोजित जनकल्याण सत्संग समारोह के उद्घाटन पर देश के विभिन्न भागों से आये हजारों श्रद्धालु-भकतों को सम्बोधित करते हुए माता श्री मंगला जी ने कहा कि माता श्री राजेश्वरी देवी का सारा जीवन ज्ञान प्रचार और‌ मानव कल्याण को समर्पित था। उन्होंने लोगों के दिलों में ज्ञान की ज्योति जलाकर‌ समाज में प्रेम, शांति, एकता और सद्भाव का वातावरण बनाया। माताश्री मंगला जी ने समारोह में उपस्थित श्रद्धालु-भकतों का आह्वान किया कि वे माताश्री राजेश्वरी देवी की शिक्षाओं और संदेशों को अपने जीवन में उतारें तथा अध्यात्म ज्ञान प्रचार एवं मानव सेवा के कार्यों को बढ़ाने का संकल्प लें।

इस मौके पर श्री भोले जी महाराज ने भी माता श्री राजेश्वरी देवी के व्यक्तिव और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने माता श्री राजेश्वरी देवी के पसंदीदा भजन—अपनी हस्ती जो तेरे चरणों में मिटा देते हैं तथा भाव का भूखा हूं मैं और भाव ही एक बार है—गाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आये संत-महातमाओं ने भी सत्संग विचारों से लोगों को लाभान्वित किया। भजन गायिका नेहा खंकरियाल ने नवरात्र से जुड़ी माता की भेंट एवं भक्ति भाव के शानदार भजन प्रस्तुत किए।

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