गांव की मिट्टी से जुड़कर सफलता की नई मिसाल बने मदनलाल (बटन)
ग्राम कुमाल्डी के युवा उद्यमी ने स्वरोजगार से बदली तस्वीर, ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही आवश्यक सुविधाएं, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
अमर चंद्र
अमर चंद्र
पढ़ाई पूरी करने के बाद मदनलाल के सामने भी दो रास्ते थे एक, रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करना और दूसरा, अपने गांव में रहकर कुछ नया करने का साहस दिखाना। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। अपने गांव, अपनी मिट्टी और अपने लोगों पर भरोसा करते हुए उन्होंने “पहाड़ी ग्रामीण सेवा एवं उद्योग” की शुरुआत की।