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अमित शाह बोले मोदी युग के सुरक्षा इतिहास में अजीत डोभाल का योगदान स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा
अमर चंद्र
नई दिल्ली/पुणे। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित “लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड” प्रदान किया गया। पुणे में आयोजित गरिमामय समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। इससे पहले अमित शाह ने समाज सुधारक अण्णाभाऊ साठे की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई चेतना प्रदान करते हुए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का अमर मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि तिलक ने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता की नहीं, बल्कि भारतीय भाषा, संस्कृति, धर्म और राष्ट्रीय चेतना को स्थापित करने वाले सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी। एक महान शिक्षक, निर्भीक पत्रकार, प्रखर चिंतक और कर्मयोगी के रूप में तिलक का योगदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय है।
अमित शाह ने कहा कि पुरस्कार केवल सम्मान का प्रतीक नहीं होता, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी होता है। जब कोई व्यक्ति राष्ट्रहित में असाधारण योगदान देता है, तब वह केवल एक व्यक्ति नहीं रहता बल्कि एक विचार और प्रेरणा बन जाता है। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना देश की सेवा में समर्पित प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायक क्षण है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 से लेकर खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक बनने तक अजीत डोभाल ने देश की सुरक्षा से जुड़े लगभग हर महत्वपूर्ण अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। पूर्वोत्तर, सिक्किम, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में उनकी सेवाएं भारतीय सुरक्षा इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय हैं।पाकिस्तान में छह वर्षों तक अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों में कार्य करते हुए उन्होंने असाधारण साहस और रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया और तब से देश की आंतरिक तथा बाह्य सुरक्षा को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। वर्ष 2019 के बाद मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) को मजबूत बनाकर देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी गई, जिसकी मजबूत नींव तैयार करने में अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, तकनीकी सशक्तीकरण, आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक रणनीति और विश्व स्तर पर भारत की मजबूत सुरक्षा एवं विदेश नीति के पीछे अजीत डोभाल का अनुभव और दूरदर्शी मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। जब भी मोदी युग के भारत की सुरक्षा व्यवस्था का इतिहास लिखा जाएगा, उसमें अजीत डोभाल के योगदान का एक स्वर्णिम अध्याय अवश्य दर्ज होगा।
देवभूमि उत्तराखंड में गौरव और उत्साह का माहौल
देवभूमि उत्तराखंड के मूल निवासी अजीत डोभाल को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने की खबर से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का वातावरण है। सामाजिक, शैक्षणिक और बुद्धिजीवी वर्गों में इसे उत्तराखंड के लिए सम्मान का विषय माना जा रहा है।
अमर संदेश ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से बातचीत की। सभी ने एक स्वर में कहा कि अजीत डोभाल आज केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की पहचान बन चुके हैं। उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण, अद्भुत रणनीतिक क्षमता, शांत नेतृत्व, निर्णय लेने की दक्षता और दशकों की निष्ठापूर्ण सेवा देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
लोगों का कहना है कि देवभूमि की मिट्टी ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं और अजीत डोभाल उन्हीं महान विभूतियों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी कर्मनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति से विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उनका यह सम्मान पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव, आत्मसम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।
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