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Amar sandesh दिल्ली।भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक Indian Bank ने मुंबई में आयोजित “मेगा लोन डिस्बर्समेंट एवं आउटरीच कैंप” के माध्यम से समावेशी विकास और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
वर्ष 1907 में स्थापित इंडियन बैंक देश के सबसे पुराने और विश्वसनीय सार्वजनिक बैंकों में गिना जाता है। बैंक का मुख्य उद्देश्य किसानों, छोटे व्यापारियों, उद्यमियों, युवाओं एवं मध्यम वर्ग को सशक्त बनाते हुए देश के हर वर्ग तक आधुनिक और सुलभ बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना है। डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, कृषि ऋण, MSME प्रोत्साहन तथा खुदरा बैंकिंग के क्षेत्र में बैंक लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
FGMO मुंबई के अंतर्गत महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा राज्यों की विभिन्न शाखाओं की भागीदारी के साथ आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD & CEO) बिनोद कुमार ने लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम के दौरान रिटेल, कृषि एवं MSME क्षेत्रों में कुल ₹1,048 करोड़ की ऋण स्वीकृतियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर बिनोद कुमार ने कहा कि इंडियन बैंक का उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं देना नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास और स्वरोजगार को नई मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बैंक हर वर्ग तक आसान वित्तीय सुविधाएं पहुंचाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बैंक प्रबंधन के अनुसार यह मेगा ऋण वितरण शिविर रोजगार सृजन, छोटे उद्योगों को मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। मुंबई में आयोजित यह कार्यक्रम इंडियन बैंक की दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।
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