Wednesday, October 28, 2026
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चारधाम यात्रा में फिर लौटी रौनक: श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त इजाफा, GMVN की बुकिंग ने पार किया 14 करोड़ का आंकड़ा

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा एक बार फिर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सुचारु रूप से संचालित हो रही है। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री श्री सतपाल महाराज ने जानकारी दी कि भारत-पाक संघर्ष विराम के बाद स्थितियाँ सामान्य हो रही हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में चारधाम यात्रा हेतु प्रदेश पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक करीब 34 लाख श्रद्धालु श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री एवं हेमकुंड साहिब के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से पंजीकरण करवा चुके हैं। इनमें से लगभग 15 लाख श्रद्धालु दर्शन का लाभ भी उठा चुके हैं।

चारधाम यात्रा के साथ-साथ प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों में भी पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। श्री महाराज ने बताया कि गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के गेस्ट हाउसों की बुकिंग ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फरवरी 2025 से अब तक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से ₹14,25,41,075 (चौदह करोड़ पच्चीस लाख इकतालीस हजार पिचहत्तर रुपये) की बुकिंग दर्ज की गई है, जो पर्यटन उद्योग की मजबूती और श्रद्धालुओं के उत्साह का प्रमाण है।

पांच वर्षों बाद फिर शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

श्री महाराज ने बताया कि बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 30 जून, 2025 से दिल्ली से प्रारंभ होगी। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2019 के बाद यह यात्रा पहली बार आयोजित की जा रही है। इस वर्ष केवल 250 यात्री ही इस यात्रा में भाग ले सकेंगे। यात्रियों के पाँच दलों में 50-50 यात्रियों को शामिल किया जाएगा। पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास के माध्यम से चीन में प्रवेश करेगा और अंतिम दल 22 अगस्त को भारत लौटेगा।

इस यात्रा का संचालन कुमायूँ मंडल विकास निगम, नैनीताल द्वारा किया जाएगा। यात्रा मार्ग टनकपुर–धारचूला–कैलाश मानसरोवर होगा तथा वापसी मार्ग चौकोड़ी–अल्मोड़ा से निर्धारित है। यात्रियों का मेडिकल परीक्षण दिल्ली में किया जाएगा।

आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को भी मिल रहा भरपूर प्रतिसाद

पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा भी प्रारंभ हो चुकी है और अब तक इस यात्रा के लिए 7,581 इनरलाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। यह दर्शाता है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों का विश्वास प्रदेश की धार्मिक और प्राकृतिक यात्राओं पर लगातार बढ़ रहा है।

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