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मेधावी छात्रों को लैपटॉप, रायसेन में ‘मामा कोचिंग’ का ऐलान; शिवराज बोले- बच्चों के सपनों की राह में संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे
Amar sandesh दिल्ली/रायसेन। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन के दौरे के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रेम सुंदर मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर सम्मानित किया। वहीं रायसेन में ‘मामा कोचिंग क्लास’ शुरू करने की घोषणा करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने का ऐलान किया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर बच्चे के भीतर अपार बुद्धि, प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। बेटा हो या बेटी, कोई भी बच्चा कमजोर नहीं है। जरूरत आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और मेहनत की है।
10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप
मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसाधनों की कमी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता के नाम पर उन्होंने निर्णय लिया है कि 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जो बच्चे आज सम्मानित हो रहे हैं, उन्हें बधाई है, लेकिन जो अभी इस अवसर से वंचित हैं, वे भी मेहनत करें और आगे बढ़ें।
38.38 करोड़ से बने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण
दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में 38 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से तैयार सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों में आधुनिक लैब, समृद्ध लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान के साथ संगीत, नृत्य, पेंटिंग और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी सोच के साथ मध्य प्रदेश में सीएम राइज और सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना की गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शुरू होगी ‘मामा कोचिंग क्लास’
रायसेन के विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मामा कोचिंग क्लास’ शुरू की जाएगी। इसमें एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग सहित राज्य और केंद्र स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है। 10 तारीख से आवेदन शुरू होंगे और 15 सितंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। 20 सितंबर को लिखित परीक्षा होगी। चयन प्रक्रिया के बाद 5 अक्टूबर से रायसेन में कोचिंग शुरू करने का लक्ष्य है। जो विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से कोचिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से भी सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।
‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की भावना से आगे बढ़ने का संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए। हर बच्चे को समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की भावना के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य बच्चों के हाथों में है और बच्चों की शिक्षा पर किया गया निवेश सबसे बड़ा निवेश है।
कौशल प्रशिक्षण के जरिए रोजगार से जोड़ेंगे युवा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगार भी युवाओं के जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सभी युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है, इसलिए निजी क्षेत्र और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मंडीदीप, भोपाल और देश के अन्य क्षेत्रों में उद्योगों को कुशल मानव संसाधन की जरूरत है। युवाओं को आईटीआई और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से आवश्यक कौशल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद रोजगार मेलों के जरिए उन्हें निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का प्रयास होगा।
छात्राओं की उच्च शिक्षा को भी मिलेगा प्रोत्साहन
दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन गर्ल्स स्कॉलरशिप योजना के फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया में भी शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
मेधावी विद्यार्थियों से भावनात्मक संवाद करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मामा केवल कहने का मामा नहीं होता, मामा मतलब मां का आंचल और पिता का कंधा होता है।” उन्होंने कहा कि उनके जीवन के सबसे खुशी के पल वही होते हैं, जब उनके भांजे-भांजी उनके साथ होते हैं।
उन्होंने बच्चों से निराशा और हताशा से बचने तथा माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में हर इच्छा पूरी होना संभव नहीं है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में बच्चों को निराश होकर ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे स्वयं या परिवार को नुकसान पहुंचे।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दिशा बैठक में भी हिस्सा लिया और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
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