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“हिंदी को सरल, प्रभावी और रचनात्मक बनाने पर जोर—हरिहर मिश्रा”
Amar sandesh दिल्ली/नवी मुंबई। सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रभावी इस्तेमाल और राजभाषा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों को बड़ी पहचान मिली है। वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट कार्यान्वयन और नवोन्मेषी उपलब्धियों के लिए वित्तीय सेवाएं विभाग को ‘राजभाषा कीर्ति’ के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान 300 से कम कार्मिकों वाले मंत्रालय/विभाग की श्रेणी में दिया गया।
सिडको एग्जिबिशन सेंटर, वाशी, नवी मुंबई में 14-15 सितंबर को आयोजित हिंदी दिवस एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की।
वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से अपर सचिव हरिहर मिश्रा ने पुरस्कार ग्रहण किया। गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कर-कमलों से हरिहर मिश्रा को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
पुरस्कार के माध्यम से विभाग द्वारा हिंदी के प्रभावी प्रयोग, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा राजभाषा के क्षेत्र में किए गए रचनात्मक और अभिनव प्रयासों को सराहा गया।
वित्तीय सेवाएं विभाग ने वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन को प्रभावी बनाने के साथ-साथ दैनिक कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। हिंदी के रचनात्मक एवं नवोन्मेषी इस्तेमाल की दिशा में किए गए इन प्रयासों ने विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान दिलाया।
अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में देशभर से विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रभावी उपयोग, राजभाषा के कार्यान्वयन और हिंदी को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था से और अधिक जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रमुखता दी गई।
वित्तीय सेवाएं विभाग को मिला यह पुरस्कार सरकारी कामकाज में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और राजभाषा के अभिनव प्रयोग की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
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