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एआई से ग्राहक सेवा, क्रेडिट, साइबर सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
Amar sandesh नई दिल्ली।पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ओर से द्वारका स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय पीएनबी एआई समिट 2026 का समापन हुआ। “इनोवेट, इंटीग्रेट एंड एलीवेट” थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल और इसके भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई।
समिट में वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय बैंक संघ (आईबीए), सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों, फिनटेक कंपनियों, तकनीकी संस्थानों और शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि एआई अब केवल प्रयोग या पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग के कामकाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग के अपर सचिव डॉ. देबाशीष प्रुस्ती, पीएनबी के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र, आईबीए के मुख्य कार्यकारी अतुल कुमार गोयल, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के क्यूटीसी प्रमुख डॉ. जे.बी.वी. रेड्डी, आईएस सलाहकार गुलशन राय तथा आईआईटी कानपुर के डीन डॉ. प्रतीक सेन सहित विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
ग्राहक सेवा से लेकर साइबर सुरक्षा तक एआई पर चर्चा
समिट में चार प्रमुख विषयों पर विशेष चर्चा हुई। इनमें एआई आधारित ग्राहक अनुभव, क्रेडिट और एश्योरेंस में एआई का इस्तेमाल, जनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई तथा सुरक्षित डेटा और तकनीकी ढांचा शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि एआई की मदद से ग्राहकों को अधिक तेज और व्यक्तिगत बैंकिंग सेवाएं दी जा सकती हैं। इसके अलावा क्रेडिट आकलन, जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी की पहचान और बैंकिंग संबंधी निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सम्मेलन में पांच से अधिक एआई केस स्टडी और दो शैक्षणिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इसके व्यावहारिक उपयोग को समझाया गया। लगभग 20 कियोस्क पर एआई, जेनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा, एनालिटिक्स और ग्राहक सेवा से जुड़े समाधान भी प्रदर्शित किए गए।
ग्रामीण और वंचित वर्गों तक पहुंच बढ़ाने में मददगार होगा एआई
डीएफएस के अपर सचिव डॉ. देबाशीष प्रुस्ती ने कहा कि एआई में स्मार्ट क्रेडिट सुविधा, जोखिम की पहले से पहचान, रियल टाइम फ्रॉड डिटेक्शन और व्यक्तिगत ग्राहक सेवाएं उपलब्ध कराने की बड़ी क्षमता है। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे यूपीआई, अकाउंट एग्रीगेटर और सीकेवाईसी के साथ एआई का बेहतर इस्तेमाल वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बना सकता है। इसका लाभ विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्गों को मिल सकता है।
जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ एआई अपनाने पर जोर
पीएनबी के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र ने कहा कि एआई समिट बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी बदलावों के साथ आगे बढ़ने की पीएनबी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बैंक पारंपरिक और प्रेडिक्टिव एआई से आगे बढ़कर जनरेटिव और एजेंटिक एआई की दिशा में काम कर रहा है। साथ ही एआई के इस्तेमाल में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुरक्षा और ऑडिटेबिलिटी सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पीएनबी ने एआई एवं जेनरेटिव एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। बैंक ने सार्वजनिक उपयोग वाले 86 एप्लीकेशनों में क्वांटम-प्रूफ क्रिप्टोग्राफी तैनात करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
साइबर सुरक्षा हैकाथॉन के विजेताओं का सम्मान
समिट के दौरान पीएनबी साइबर सुरक्षा हैकाथॉन 2026 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। यह हैकाथॉन वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के तत्वावधान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ‘हैकाथॉन सीरीज 2026’ के तहत आयोजित किया गया था। पीएनबी ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से इसका आयोजन किया।
हैकाथॉन की थीम “क्वांटम-प्रूफ सिस्टम्स फॉर पब्लिक-फेसिंग एप्लीकेशंस” रही। प्रतिभागियों ने बैंकिंग से जुड़े सार्वजनिक एप्लीकेशनों की सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की तैयारी से जुड़े समाधान विकसित किए। बेहतर और नवोन्मेषी समाधान प्रस्तुत करने वाली विजेता टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पायलट से बड़े स्तर पर इस्तेमाल तक पहुंचाने पर जोर
समिट के पहले दिन “दिशा निर्धारण: वैश्विक सबक और भारत का संदर्भ” विषय पर चर्चा हुई। इसमें एआई आधारित डिजिटल भुगतान, ग्राहक अनुभव, बहुभाषी एआई, एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन और जिम्मेदार एआई गवर्नेंस जैसे विषयों पर विचार रखे गए।
दूसरे दिन “पायलट से स्केल तक: प्रौद्योगिकी, निष्पादन और गति देना” विषय के तहत एआई को बड़े स्तर पर लागू करने की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई। एजेंटिक एआई, साइबर सुरक्षा, एआई आधारित निर्णय, क्लाउड तकनीक, एआई आर्किटेक्चर और पुरानी तकनीकी व्यवस्था से एआई आधारित आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था की ओर बदलाव जैसे विषय प्रमुख रहे।
समिट में विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि बैंकिंग क्षेत्र में एआई की सफलता केवल तकनीक अपनाने से नहीं होगी। इसके लिए मजबूत डेटा व्यवस्था, सुरक्षित तकनीकी ढांचा, कुशल मानव संसाधन, प्रभावी गवर्नेंस और स्पष्ट व्यावसायिक परिणाम भी जरूरी होंगे।
पीएनबी एआई समिट 2026 को बैंकिंग, तकनीक और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सम्मेलन से सामने आए विचार और नए उपयोग के मामले बैंकिंग क्षेत्र में सुरक्षित, जिम्मेदार, समावेशी और बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जा सकने वाले एआई सिस्टम विकसित करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
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