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Amar sandesh नई दिल्ली, 28 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिहार के पारंपरिक व्यंजनों का असली स्वाद अब एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। मंगलवार को नई बिहार भवन में आधुनिक कैंटीन का उद्घाटन बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर बिहार भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिहार भवन आने वाले अतिथियों, प्रवासी बिहारवासियों, पर्यटकों तथा दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अब बिहार की समृद्ध खान-पान परंपरा का स्वाद एक ही छत के नीचे मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह कैंटीन केवल भोजन परोसने का केंद्र नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का भी परिचय कराएगी।
कैंटीन के मेन्यू में बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, सत्तू का शरबत, दाल-भात, कढ़ी-भात, चना घुगनी, चूड़ा-दही, मखाना से बने व्यंजन, ठेकुआ, खाजा, मालपुआ, तिलकुट, विभिन्न मौसमी सब्जियां तथा अन्य पारंपरिक बिहारी पकवान शामिल किए गए हैं। यहां प्रतिदिन सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक नाश्ता तथा दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक भोजन उपलब्ध रहेगा।
बिहार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और अतुलनीय खान-पान के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। महाबोधि मंदिर (बोधगया), नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर, वैशाली, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, विक्रमशिला महाविहार और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैसी ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरें बिहार की पहचान हैं। वहीं बिहार के पारंपरिक व्यंजन अपनी सादगी, पौष्टिकता और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहे हैं।
नई बिहार भवन कैंटीन का शुभारंभ राजधानी दिल्ली में बिहार की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल प्रवासी बिहारवासियों को अपने घर जैसा स्वाद मिलेगा, बल्कि अन्य राज्यों के लोग भी बिहार की समृद्ध खाद्य संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी सशक्त करेगी और बिहार के स्वाद को राष्ट्रीय राजधानी में नई पहचान दिलाएगी।
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