राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर समाजिकता के बल व्यवसायिक संवर्धन हेतु प्रयत्नशील रहेगा विश्व ब्राह्मण संगठन

सी एम पपनैं

नई दिल्ली। विश्व ब्राह्मण संगठन द्वारा 74वे स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ‘ब्राह्मण बिजनिश नैट वर्क’ के अंतर्गत ब्राह्मण समाज के व्यवसायियों व व्यापारियो की जूम मीटिंग का आयोजन संगठन के संस्थापक चेयरमैन मांगे राम शर्मा के संरक्षण, संगठन अध्यक्ष आर एस गोस्वामी की अध्यक्षता तथा मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय संस्कृति मंत्री, सांसद डॉ महेश शर्मा की उपस्थिति मे आयोजित की गई।

आयोजित मीटिंग में संगठन के प्रत्येक राज्य पदाधिकारियो व शहरों व महानगरों मे ब्राह्मण समाज के विभिन्न व्यवसायों से जुड़े बयानब्बे छोटे-बड़े प्रबुद्ध व्यवसायियों व उद्योगों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

जूम पर, आयोजन मुख्य अतिथि, भाजपा लोकसभा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा की उपस्थिति मे मीटिंग का विधिवत शुभारंभ दीपक ज्योति व श्री गणेश वंदना से किया गया।

मीटिंग से जुड़े प्रबुद्ध जनो के परिचय व स्वागत संबोधन में संगठन कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश चन्द्र पांडे द्वारा संगठन के प्रदेश पदाधिकारियो व व्यवसायियों का स्वागत कर, संगठन के उद्देश्यो, क्रियाकलापो व भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। वर्तमान में ब्राह्मणों के राजनैतिक व व्यवसायिक पटल पर पिछड़ने तथा उन्हे अनेक स्तरों पर नकारे जाने के उदाहरण दिए गए।

वर्तमान केंद्रीय सरकार के मंत्रिमंडल मे ब्राह्मण समाज के सुषमा स्वराज, अरुण जेटली व मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद किसी भी ब्राह्मण को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल न करने। एक मात्र ब्राह्मण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के होने। रिजरवेशन के दुष्प्रभाव से पढ़े-लिखे व प्रतिभावान ब्राह्मण युवाओ को रोजगार न मिलने, संसद मे ब्राह्मणों की संख्या पचास से नीचे रहने तथा लोकतंत्र में धनवानों व उद्योगपतियों की सत्ता तक पहुच के कारण ब्राह्मणों के पिछड़ते चले जाने पर चिंता व्यक्त की गई।

व्यक्त किया गया, उक्त कारणवश विश्व ब्राह्मण संगठन के बैनर तले सभी ब्राह्मण समाज के व्यवसायियों व उद्योग जगत से जुड़े लोगों के बीच चेतना जगा, इकठ्ठा किया जा रहा है। आयोजित मीटिंग इसी उद्देश्य के तहत की जा रही है।

व्यक्त किया गया, संगठन के बैनर तले महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने पहल कर, प्रतिवर्ष चार सौ करोड़ का व्यवसाय करने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उक्त कार्यविधि को मॉडल स्वरूप राष्ट्रीय फलक पर सामाजिक व्यवहार बढ़ा कर, विस्तार देने की संगठन की योजना है, जिसे क्रियान्वित किया जाना है। उक्त कार्य बृद्धि सामाजिक दृष्टि से की जानी है, न कि जाति आधारित। समय की मांग है, मानवीय मूल्यों की रक्षा हेतु ब्राह्मणों को आगे आकर वैश्विक फलक पर संगठन को विस्तार दे, परचम लहरा, मानव कल्याण हेतु कार्य करना होगा।

मुख्य अतिथि भाजपा लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा ने व्यक्त किया, ब्राह्मण होने पर उन्हे गर्व है। सफदरजंग अस्पताल से एमबीबीएस कर, व्यवसायी बनने की तमन्ना जगी। किसी ने सलाह दी ब्राह्मण का बेटा है, नोकरी कर ले, व्यापार मत करना, जो चलेगा नही, टूट जायेगा। पिता किसान थे, उनको इच्छया से अवगत कराया, उनके पास मात्र छह सौ रुपये थे। पांच करोड़ का लोन पास करवाया। पिता के नाम नोएडा में कैलाश अस्पताल खोलने की योजना बनाई। कई व्यवसायियों व उद्योगपतियों से जुड़ा। उनसे सीखा। अस्सी रुपयों की बैंच, पचास रुपयों मे खरीद व्यवसाय का गुर सीखा। डॉक्टरी पेशा शुरू किया। 61 वर्ष की उम्र में, छह सौ रुपयों की राशि से एक किसान के बेटे के पास आज 9 अस्पताल हैं। 62सौ लोगों को रोजगार दिया है। कोई भी कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा पर नही, सब स्थायी कर्मचारी हैं।

डॉ महेश शर्मा ने व्यक्त किया, ब्राह्मण का बेटा व्यवसायी नही बन सकता, यह सोच बाहर निकालनी होगी। हम माता-पिता-गुरु का विश्लेषण नही करते। मेरा ब्राह्मण समाज मेरा है। क्या समाज को तोड़ सकते हैं? डॉ महेश शर्मा ने व्यक्त किया उन्होंने पांच वर्ष तक गुरु नरेंद्र मोदी के साथ काम किया है। चार केंद्रीय मंत्रालय संभाले हैं। मानव कल्याण के लिए कैसे काम किया, जाय यह सब गुरु से सीखा। व्यक्त किया गया, ब्राह्मण सबको साथ लेकर चलता है। पूज्यनीय कहलाया जाता है। सतयुग, त्रेता, द्वापर मे ब्राह्मण को सम्मान मिला, वह कभी अत्याचारी नही रहा। आज युद्ध चल रहा है, परशुराम की मूर्ति कोन बड़ी बनायेगा।

पूना (महाराष्ट्र) के व्यवसायी नितिन कुलकर्णी द्वारा विनायक जोशी के सानिध्य मे 2014 मे तीन लोगों से आरंभ किए गए अपने वर्तमान 250 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष के व्यवसाय, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के 33 जिलो में फैला हुआ है। व्यवसाय की बढ़ती बृद्धि, व्यवसाय को आरम्भ करने व उसके संवर्धन की बारीकियों को मॉडल रूप मे रख, सारगर्भित विचार व्यक्त किए गए।

अन्य मुख्य वक्ताओ मे वैश्विक उद्योग जगत से जुड़े कैलाश पति शर्मा, गेल के पूर्व चेयरमैन बी सी त्रिपाठी, अजय शर्मा, वी आर पंचमुखी, विश्व ब्राह्मण संगठन चैयरमैन मांगे राम शर्मा मुख्य थे।

उक्त वक्ताओ द्वारा व्यक्त किया गया, अभी तक देश के कई नगरों व महानगरों सहित कनाडा, अमेरिका व मॉरीशस मे संगठन की अनेकों बैठके, पांच सौ से हजार लोगों की उपस्थिति में आयोजित की जा चुकी हैं। जिनमे संगठन को संख्या बल पर नही, सामर्थ्य व समर्थ बल से पहचाना गया। व्यक्त किया गया, किसी भी व्यवसाय में विद्या ज्ञान सबसे बड़ा है, जो ब्राह्मणों के पास है। आज हमे ब्राह्मण कहने मे शर्म क्यों आती है। ब्राह्मण राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर बड़े पदों पर व बड़े व्यवसायी हैं, जिंनमे गूगल व माइक्रोसॉफ्ट जैसे प्रतिष्ठानों के मुखियाओ का उदाहरण दिया गया।

वक्ताओ द्वारा व्यक्त किया गया, सबको अपनी कम्युनिटी को समय देना होगा। व्यवसाय बढ़ाने हेतु पारदर्शी बन, वैश्विक फलक पर कामयाबी हासिल की जा सकती है, जिसके लिए सम्पर्क बढ़ा, व्यवसायिक नेटवर्क बनाना होगा। वक्ताओ द्वारा व्यक्त किया गया, ब्राह्मणों मे बहुत प्रतिभा है, जिसे सम्मान देकर, सही निर्णय लेकर, आगे बढ़ाना होगा। अवगत कराया गया, बुद्धि, विवेक व ज्ञान के बल 60 फीसद कॉर्पोरेट मे, 53 फीसद अन्य पेशों मे ब्राह्मण निर्णायक मंडलो में हैं।

व्यक्त किया गया, जातिवाद पर व्यवसाय नही चल सकता। हमारे देश में 168 कम्युनिटी हैं। विडंबना है, वर्तमान में व्यापार राजनैतिक संरक्षण मे फलफूल रहा है। हम कैसे स्वस्थ समाज को स्वस्थ व्यवसाय का स्वाद दे सकते हैं, यह सोच, संगठन से जुड़े व्यवसायियों को बनानी होगी, जो भविष्य की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।

आयोजित मीटिंग का संचालन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश चन्द्र पांडे द्वारा उमेश शर्मा के सानिध्य में किया गया। समापन वक्तव्य संगठन अध्यक्ष आर एस गोस्वामी द्वारा सभी प्रेरणाश्रोत वक्ताओ का धन्यवाद अदा कर किया गया।

Share This Post:-
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *