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देहरादून में भव्य समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और दर्जाधारी मंत्री मधु भट्ट ने 100 से अधिक कलाकारों को किया सम्मानित
Amar sandesh देहरादून। उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, कला, संगीत, रंगमंच और सिनेमा को समर्पित कलाकारों के सम्मान में आयोजित ‘उफतारा सम्मान–2026’ समारोह देहरादून में गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में प्रदेशभर की लगभग 100 विशिष्ट विभूतियों को कला, संस्कृति, संगीत, रंगमंच और सिनेमा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तथा संस्कृति विभाग की दर्जाधारी मंत्री मधु भट्ट ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए सम्मानित हस्तियों को अपने करकमलों से ‘उफतारा सम्मान–2026’ प्रदान किया। इस अवसर पर उत्तराखण्डी सिनेमा के चार दशक के सफर, लोकसंस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
The High Hillers परिवार की उपाध्यक्ष गीता गुंसाईं नेगी को भी ‘उफतारा सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें उत्तराखण्ड की लोककला, संस्कृति, नृत्य, रंगमंच, एल्बम और सिनेमा के क्षेत्र में वर्षों से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। बचपन से कला साधना में सक्रिय गीता गुंसाईं नेगी ने अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर मंच से लेकर फिल्मी पर्दे तक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखण्ड की भाषा, लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नौकरी और पारिवारिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए भी लोकभाषा, कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनका सतत समर्पण उन्हें विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनाता है।
इस सम्मान समारोह में The High Hillers group परिवार के वरिष्ठ पूर्व अध्यक्ष खुशहाल सिंह बिष्ट, फिल्म निर्माता निर्देशक,सुशीला रावत, ब्रजमोहन वेदवाल, फिल्म निर्माता निर्देशक अभिनेता राकेश गौड़ संयोगिता ध्यानी, मंजू बहुगुणा, , पदमेंदर रावत, सुमन गौड़ एवं अजय बिष्ट सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी एवं महासचिव कांता प्रसाद ने सभी सम्मानित विभूतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और कलाकारों को उचित सम्मान दिलाने के लिए संस्था निरंतर कार्य करती रहेगी।
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