Post Views: 0
2047 के विकसित भारत के लिए स्वस्थ भारत जरूरी, कैंसर-मधुमेह के खिलाफ जन आंदोलन का आह्वान -डॉ. जितेंद्र सिंह
Amar sandesh नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कैंसर, मधुमेह, मोटापा और अन्य जीवनशैली से जुड़ी गैर-संचारी बीमारियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन चलाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से मुकाबला केवल अस्पतालों और इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय पर जांच, सही चिकित्सा सलाह और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित स्वास्थ्य जागरूकता को जन अभियान का रूप देना होगा।
नई दिल्ली में कैंसर से उबर चुके वैज्ञानिक एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता की पुस्तक “अनब्रोकन: माय बैटल विद कैंसर एंड द विल टू लीड” के विमोचन समारोह में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज देश के सामने स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाएं भी बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि अप्रमाणित सलाह और मिथकों के कारण कई मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य संचार को मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारत में कैंसर, मधुमेह, मोटापा, फैटी लिवर और अन्य चयापचय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और अब युवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, कई प्रकार के कैंसर का यदि शुरुआती चरण में पता चल जाए तो उनका सफल इलाज संभव है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप सबसे प्रभावी उपाय हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली को रोकने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को प्रत्येक नागरिक की आदत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बीमारी की रोकथाम केवल सरकार या डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, जीनोम इंडिया कार्यक्रम, स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और किफायती उन्नत उपचारों के माध्यम से भारत स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे अत्याधुनिक उपचार आम लोगों की पहुंच में आ सकें।
उन्होंने सरकार, अनुसंधान संस्थानों, चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना होना चाहिए।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉ. अखिलेश गुप्ता की पुस्तक को साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और विज्ञान पर विश्वास की प्रेरणादायक कहानी बताते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल कैंसर मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और युवाओं के लिए भी मार्गदर्शक है। यह संदेश देती है कि समय पर सही इलाज, योग्य चिकित्सकों की सलाह और आत्मविश्वास के बल पर गंभीर बीमारियों को भी हराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ नागरिक सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक सूचनाओं से बचने का संकल्प लेना होगा।
Related