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इंडिया एनर्जी वीक 2024 प्रतिभागियों को ऊर्जा क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए अद्वितीय मंच प्रदान कर रहा है: —हरदीप सिंह पुरी

अमर संदेश दिल्ली।6 फरवरी से 9 फरवरी 2024 तक गोवा में आयोजित होने वाले भारत ऊर्जा सप्ताह के दूसरे संस्करण की महत्वपूर्ण विशेषताओं के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए, केंद्रीय पेट्रोलियम प्रकृति गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कहा कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 में विभिन्न देशों के 17 ऊर्जा मंत्रियों, 35,000 से अधिक उपस्थित लोगों और 900 से अधिक एग्जीबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। श्री पुरी प्रेस वार्ता के दौरान कहा,“भारत आज ऊर्जा के मोर्चे पर कई क्षेत्रों में समाधानों की सकारात्मक वृद्धि के विश्वास की तस्वीर पेश कर रहा है। इंडियन एनर्जी वीक-आईईडब्ल्यू ऊर्जा के मोर्चे पर इन विकासों को प्रदर्शित करने और ऊर्जा सेक्टर में आगे के विकास और वृद्धि के लिए मंच प्रदान करने का एक सुनहरा अवसर पेश कर रहा है।”
उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस बार कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, रूस, यूके और यूएसए जैसे देशों के लिए खास 6 पवेलियन्स होंगे।”

श्री पुरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आईईडब्ल्यू 2024 के दौरान, 300 से अधिक एग्जीबिटर्स के साथ एक विशेष मेक इन इंडिया पवेलियन का लगाया जा रहा है, जिसमें भारतीय एमएसएमई ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी अभिनव समाधान प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने कहा, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों की संख्या के साथ यह उन्हें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए एक अद्वितीय मंच प्रदान करता है।

पहले संस्करण की तुलना में आयोजन के पैमाने में वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए, श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस आईईडब्ल्यू 2024′ के लिए एग्जीबिटर्स की संख्या 900 (30 प्रतिशत की वृद्धि) से अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, प्रदर्शनी क्षेत्र में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां आईईडब्ल्यू 2024 में यह 18.5k वर्गमीटर है, आईईडब्ल्यू 2023 में यह 15k वर्गमीटर था, और इसके चलते प्रदर्शनी से राजस्व में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, आईईडब्ल्यू सिर्फ एक साल पुराना है और अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजकों में इसके प्रति जो उत्साह है वो काफी संतोषजनक है ।

प्राइवेट स्पॉन्सरशिप में उल्लेखनीय वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, श्री पुरी ने बताया कि निजी फर्मों से कुल राजस्व में 81% की वृद्धि हुई है और प्राइवेट स्पॉन्सर्स की संख्या में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है (आईईडब्ल्यू’24 में – 13 और आईईडब्ल्यू’23 में 9) जिसके चलते अधिक आय हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में प्राइवेट स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू 3 गुना से अधिक हुआ है।

आईईडब्ल्यू के पहले संस्करण की अविश्वसनीय सफलता के आधार पर, श्री पुरी ने कहा कि आईईडब्ल्यू’24 के रणनीतिक सत्रों की अवधि और संख्या 3 से 4 दिनों तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा, आईईडब्ल्यू’24 (पूर्वानुमानित) में 46 रणनीतिक सत्र और 46 तकनीकी सत्र सहित 44 प्रतिशत अधिक सत्रों की योजना बनाई गई है, जो आईईडब्ल्यू’23 में तकनीकी सत्रों से दोगुने से भी अधिक है।

तकनीकी सत्रों के तहत, श्री पुरी ने बताया कि प्राप्त प्रस्तुतीकरण पत्रों की संख्या आईईडब्ल्यू 2023 के लिए 1000 से दोगुनी होकर आईईडब्ल्यू’24 के लिए 2000 हो गई है।

केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “घरेलू प्राथमिकताओं के अनुरूप शिपिंग, लॉजिस्टिक और आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण और औद्योगीकरण, फ्यूचर मोबलिटी और खनन और खनिज सहित चार नई तकनीकी श्रेणियां जोड़ी गई हैं।”

श्री पुरी ने ऊर्जा क्षेत्र के स्टार्टअप के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित एनर्जी स्टार्टअप चैलेंज ‘अविन्या’ के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि एक स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद प्राप्त लगभग 120 आवेदनों में से 5 स्टार्टअप का चयन किया गया। स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को अन्य बातों के अलावा उद्योग जगत के नेताओं द्वारा मेंटरशिप के अवसर और वैश्विक दर्शकों के सामने अपने अत्याधुनिक समाधानों को प्रदर्शित करते हुए इंडिया एनर्जी वीक’24 में अपने स्टार्टअप विचारों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

पेट्रोलियम मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि हमारी जी20 प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाते हुए, आईईडब्ल्यू के मौके पर विभिन्न प्रकार के साइड इवेंट की योजना बनाई जा रही है, जिसमें ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन, कार्बन कैप्चर और यूटिलाइजेशन और तेल और गैस सीईओ के साथ पीएम की गोलमेज बैठक और भारत-अमेरिका निवेश गोलमेज जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में ऊर्जा मूल्य श्रृंखला पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें बायो फ्यूल पर 3 सत्र, हाइड्रोजन पर 3 सत्र और सीसीयूएस में 2 सत्र शामिल हैं।

मीडिया को संबोधित करते हुए , हरदीप सिंह पुरी ने विशेष रूप से आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था के विकास के संदर्भ में बायो फ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन के महत्व के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि आज देश की जीडीपी 4 ट्रिलियन से अधिक है और वित्त वर्ष 2025 के अंत तक हमें 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती अर्थव्यवस्था अधिक ऊर्जा की खपत करती है और उस ऊर्जा में टिकाऊ ऊर्जा की ओर भी बदलाव देखा जा रहा है।

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