Wednesday, November 4, 2026
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राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता विषय पर अमर संदेश समाचार पत्र द्वारा सेमिनार व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया 

सी एम पपनैं

नई दिल्ली। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र अमर संदेश द्वारा 1  को कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता” विषय पर प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक सेमिनार तथा “सुरक्षा गौरव सम्मान-2026” का प्रभावशाली आयोजन मंचासीन अतिथियों डॉ. अजय कुमार बिष्ट (आईएएस) (स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव कार्यालय, दिल्ली सरकार), राजवीर मलिक (डीसीपी दिल्ली पुलिस), तिलक चंद्र बिष्ट (एसीपी दिल्ली पुलिस, मधु विहार थाना, पूर्वी दिल्ली), प्रतीक थपलियाल (डीआईजी, प्रधान निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी, भारतीय तटरक्षक बल), अमित उनियाल (कमांडेंट एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, भारतीय तटरक्षक बल), मदन मोहन सती (मीडिया कोऑर्डिनेटर, मुख्यमंत्री उत्तराखंड), संजय जोशी (उद्योगपति एवं आंचलिक फिल्म निर्माता), हरि सुमन बिष्ट (साहित्यकार), हेम पंत (वरिष्ठ रंगकर्मी), पवन मैठानी (महासचिव गढ़वाल भवन), डॉ. के.सी. पांडेय (सु-विख्यात जादूगर एवं वरिष्ठ सलाहकार, अमर संदेश मीडिया ग्रुप) तथा सभागार में उपस्थित बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों, रंगकर्मियों, युवाओं एवं अन्य अनेकों विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की प्रभावी उपस्थिति में आयोजित किया गया।

आयोजन शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के साथ-साथ अमर संदेश समाचार पत्र प्रमुख अमर चंद,निम्मी ठाकुर, पूजा त्रिपाठी, हेना पांडेय, अन्नु जा, किरन झा, कुंदन भैसोड़ा,समाजसेवी प्रताप थलवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजेश डंडरियाल, उदय मंमगाई राठी, इत्यादि इत्यादि द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर व प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना पूजा त्रिपाठी के समूह द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सरस्वती वंदना से किया गया।

आयोजित विषय पर मंचासीन प्रबुद्ध जनों द्वारा साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर ज्ञानवर्धक विचार व्यक्त किए गए। कहा गया, डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, ई-मेल फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी और व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी विद्वान वक्ताओं द्वारा साझा की गई। साथ ही लोगों से साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना देने का आह्वान किया गया।

मुख्य वक्ताओं ने कहा, साइबर सुरक्षा केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है। यदि लोग समय रहते जागरूक रहें और डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें, तो अधिकांश साइबर अपराधों को रोका जा सकता है। वक्ताओं द्वारा युवाओं से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का भी आह्वान किया गया।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, साइबर सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा ज्वलंत है, विश्व व्यापी है जिसके तहत डेटा सुरक्षा हेतु जागरूकता जरूरी है। कहा गया, डेटा वह है जब तक वह आपके पास है जब वह चलायमान तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ा दिया जाता है तो वह इनफॉर्मेशन हो जाती है। इंटरनेट से जुड़ी चीजें फिर आम हो जाती हैं। आज करोड़ो की संख्या में साईबर अपराध हो रहे हैं। साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा कहा गया, डिजिटल जादूगरी ने जीवन को सरल बना दिया है। घर बैठे सारी सुविधाएं मिल रही है। याद रखना जरूरी है, किसी भी उपलब्धि पर खामियां भी होती हैं। जनजागरण जरूरी होता है। अपने बच्चों या परिजनों के नाम से पासवर्ड न बनाए। कम से कम डेटा शेयर करे।

प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा कहा गया, साइबर सुरक्षा, कम्प्युटर नेटवर्क, प्रोग्राम और डेटा को अनपेक्षित या अनधिकृत पहुंच, परिवर्तन या विनाश से बचाने पर केन्द्रित है। हम सभी सीख रहे हैं। हम सबकी जानकारी समान है। टीचर का अनुभव है, वह विद्यार्थियो को सीखाता है। देश में स्थापित अनेकों इंस्टिट्यूट लोगों को विभिन्न विषयों पर शिक्षित कर सफलता की राह पर अग्रसर करते हैं।

वक्ताओं द्वारा व्यक्त किया गया, साइबर सुरक्षा की बहुत ट्रेनिंग दी जा रही है। देश के विभिन्न इंस्टीट्यूशनों में जो शिक्षा दी जा रही है उसे सीखना जरूरी है। यह समय सीखने का है। साइबर सुरक्षा से जुड़े शोध महत्वपूर्ण हैं। साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण व ज्वलंत विषय पर संगोष्ठी आयोजित करने हेतु प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा अमर संदेश समाचार पत्र मुख्य संपादक अमर चंद द्वारा जन को जागरूक करने वाले विषय पर आयोजन आयोजित करने हेतु प्रशंसा की गई। जन को जागरूक करने वाले ऐसे विषयों को आयोजित करते रहने की बात भी वक्ताओं द्वारा प्रमुखता से कही गई।

आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ताओं द्वारा साइबर सुरक्षा तथा राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर घटित हो रहे साइबर अपराधो पर विस्तार पूर्वक, ज्ञानवर्धक तथ्यों पर प्रकाश डाल व्यक्त किया गया, भारत वर्ष ने तकनीक के क्षेत्र में बहुत तरक्की की है। वर्ष 1997 में पहली बार भारत में मोबाइल आया। आज करीब सौ करोड़ लोग मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं। डिजिटल की दुनिया में भारत तीसरे नंबर का देश है। पहले तकनीक दूसरी थी आज तकनीक बदलती जा रही है। बदलती तकनीक के साथ डेटा भी साथ चल रहा है। व्यक्ति एक ही डेटा से सारे कार्य करता है। बच्चे कार्य करने में गूगल देख मदद लेते हैं। यूट्यूब देखते हैं। कहा गया, यूट्यूब अपना एक टीवी चैनल बनाने के लिए तथा उस माध्यम अपने विचार व्यक्त करने व रोजगार से जुड़ने और बढ़ाने हेतु सोच पर निर्धारित किया गया था। पहले सीमित शब्दों वाला टेलीग्राम होता था यही आज ट्विटर है। आज जो तकनीक यूज हो रही है प्रत्येक संचालित सरकारी तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा सब जगह एक सी तकनीक पर यूज हो रही है। सब सिस्टम में कनेक्ट हो रहा है । ठगी का शिकार हर कोई हो रहा है। बैंक के लोग, करियर एजेंसी इत्यादि इत्यादि मिले हुए पाए गए हैं। पिन गोल हो जाता है।

कहा गया, डिजिटल तकनीक डाटा पर कार्य करती है। बहुत सी सर्विस फ्री मिलती है, कैसे मिलती है? ईमेल, गूगल, व्हाट्सएप फ्री सर्विस देता है। ये सब डेटा देते हैं। ये सब डेटा कलक्ट करते हैं, जो बिकता है। डेटा बेच कर फंडिंग होती है। डेटा से ही सारे जुगत के उल्टे-सुल्टे कार्य होते हैं। कहा गया, कोई भी सामान खरीदे गारंटी वारंटी होती है। डिजिटल की क्यों नहीं? आज के युग में डेटा महत्वपूर्ण हो गया है। जो बिकता है, फैलता है।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, तकनीक परफेक्ट की जा सकती है। वारंटी, गारंटी जरूरी है। फोन से गए डाटा से सब कुछ होता है। लोकेशन भी जाती है। तकनीक का अच्छे और बुरे दोनों में इस्तेमाल किया जाता है। सिस्टम में कमजोरी जरूर होती है, डेटा का महत्व समझना होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से हम सारी जानकारी देते हैं, सब डाटा एकत्रित हो जाता है। कहा गया, जो नम्बर आप नहीं जानते उसे छोड़ दीजिए। हैकर रिटर्न काल नहीं लेते हैं, सिर्फ फोन करते हैं। आप कहे अभी फोन करता हूं। फोन करेंगे तो वह नहीं उठाएगा।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से निकटता से जुडी हुई है। साइबर सिक्यूरिटी में रोज सतर्क रहना पड़ता है, अपनी कमाई गई गाढ़ी पूजी की सुरक्षा के लिए। साइबर अपराध में निरंतर वृद्धि, उन उपकरणों और सेवाओ की खामियों को उजागर करती है, जिन पर हम निर्भर हैं। सरकार के सभी विभाग साइबर सिक्यूरिटी पर सक्रिय हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (14सी), साइबर सुरक्षा नीति 2013, आईटी अधिनियम 2000, महिलाओ और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध निवारण योजना के तहत साइबर अपराधो की रोकथाम को नियन्त्रित किया जा रहा है फिर भी साइबर क्राइम राष्ट्र के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।

व्यक्त किया गया, सभी को इसकी जानकारी होनी चाहिए। साइबर सब क्रियाकलापो से जुड़ा हुआ है। साइबर अटैक कैसे हो रहा है? जागरूक रह इसकी जानकारी होनी चाहिए। सावधान रहना चाहिए। वैश्विक फलक पर सब भुक्त भोगी हैं। उत्तम तकनीक व जागरूकता के बल इससे बचा जा सकता है।

व्यक्त किया गया, भारत डिजीटल प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते बाजारों में एक है। भारत में करोड़ों फोन, सैंकड़ों मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। दुनिया भर मे डेटा उल्लघनों ने व्यक्तिगत सुरक्षा हेतु खतरा पैदा किया है। साइबर हमला व्यक्तिगत या कार्पोरेट आभाषी निकाय पर होते हैं। देश में साइबर क्राइम का फीसद बढ़ता जा रहा है। रोकथाम के लिए शिक्षा, जागरूकता, ट्रेनिंग जरूरी है। सोशल मीडिया द्वारा लोगों को व्यापक तौर पर जागरूक करना चाहिए। साइबर सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। डाटा जो लीक हो रहा है उस पर रोकथाम जरूरी है।

साइबर सुरक्षा पर वक्ताओं द्वारा व्यक्त किया गया, मिलजुल कर साइबर अपराधो से पार पाया जा सकता है। तकनीक ऐसी हो गई है, जो हम यहां कर रहे हैं, वह साइबर क्राइम करने वाले देख रहे हैं। हर पल अटैक हो रहा है। करोड़ों अटैक हो चुके हैं। साइबर तकनीशियन रात-दिन राष्ट्र के लिए काम कर रहे हैं फिर भी अटैक रोकने मे असमर्थ हैं। इंस्टिट्युशन को टार्गेट किया जा रहा है। साइबर क्राइम विभिन्न तरीको से हो रहा है।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए बुद्धिमता पूर्ण दिमाग चाहिए। भारत की राष्ट्रीय एजैंसी व इंडियन कंप्युटर इमरजैंसी रिस्पांस टीम ने देश की साइबर सुरक्षा से निपटने में प्रगति की है। व्यक्त किया गया, सुरक्षा के नियमो का उल्लंघन करना घातक होता है। यह सामाजिक समस्या ज्यादा है। सभी थानों में साइबर डेस्क है। सरकार ने साइबर क्राइम पीड़ितों हेतु शिकायत करने के लिए एक नंबर 1930 भी जारी किया है। साइबर सुरक्षा बहुत जरूरी हो गई है।  ।व्यक्त किया गया, साइबर सुरक्षा से सम्बंधित अमर संदेश समाचार पत्र द्वारा आयोजित यह महत्वपूर्ण सेमिनार है। साइबर क्राइम से विश्व के सभी देश जूझ रहे हैं। उनकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह समस्या अकेले हल नहीं हो सकती। राष्ट्रीय व वैश्विक फलक पर उच्च कोटि के ज्ञाताओं व तकनीक की जरूरत है। तकनीक में विशेषज्ञता बेहद जरूरी है।

मंचासीन अन्य वक्ताओं द्वारा कहा गया, सवाल है, कैसे अटैक रोके? हर क्षेत्र में अटैक हो रहा है। कोई भी क्षेत्र, साइबर हमलों से अछूता नहीं है। ठग रोजाना नए-नए तरीको से आनलाइन फ्राड को अंजाम दे रहे हैं। यह अपराध का भयावह नया चेहरा है, खूब फलफूल रहा है। आज हर व्यक्ति का डाटा कही न कही जमा है, जैसे बैंक, स्कूल, आफिस इत्यादि इत्यादि। साइबर सब जगह कनेक्ट है लेकिन सुरक्षित नहीं है। इसका कोई क्षेत्र नहीं, सब जगह है। वक्ताओं द्वारा उक्त अपराध से जुड़े कई निजी अनुभवों को भी सांझा कर सभागार में बैठे लोगों को जागरूक करने की प्रभावी पहल की गई। विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया:-

लोभ व फर्जी संदेशों से दूरी: आकर्षक संदेशों, लॉटरी/इनाम जीतने के प्रलोभन या बैंक खाते की जानकारी अपडेट करने के नाम पर आने वाले फर्जी संदेशों व अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 

गोपनीयता की सुरक्षा:- किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या निजी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। प्रमाणित माध्यमों का चयन: डिजिटल लेन-देन के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही प्रयोग करें तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स को सुरक्षित रखें।

।।त्वरित सूचना:- किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या वित्तीय ठगी की स्थिति में तुरंत सक्षम अधिकारियों और साइबर अपराध शिकायत तंत्र को सूचित करें। साइबर सुरक्षा केवल सरकार नहीं, नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।

वक्ताओं द्वारा कहा गया, साइबर सुरक्षा को केवल पुलिस या सरकारी एजेंसियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने वाले प्रत्येक नागरिक की इसमें अहम जिम्मेदारी है। युवाओं का ध्यान आकर्षित करते हुए वक्ताओं द्वारा कहा गया, आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक संपर्क के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक निर्भर है। इसलिए युवाओं को साइबर सुरक्षा के नियमों की जानकारी होना अनिवार्य है। वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करें। इसके साथ ही, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से युवा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाकर देश की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली को मजबूत कर सकते हैं।

आयोजन के इस अवसर परजन सरोकारों, पत्रकारिता, साहित्य, संस्कृति इत्यादि इत्यादि विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को मंचासीन अतिथियों के कर कमलों “सुरक्षा गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में फिल्म अभिनेत्रियां क्रमशः रिया शर्मा, बबली अधिकारी व विजय लक्ष्मी नौटियाल, भाजपा नेत्रियों में क्रमशः पुष्पा पंत (जिला महरौली) व कमला रावत, रंगकर्मी राधा आर्या, पत्रकारों में क्रमशः , राजेश डंडरियाल, , योगेश भट्ट तथा श्रीकांत भाटिया, (संपादक, सिंधी समाचार पत्र), एस. टी. रज़ा मुख्य संपाद दौर-ए-जदीद, द्वारिका प्रसाद चमोली,समाजसेवी क्रमशः अर्चना झा, पूजा कुमारी, मीरा कुमारी, किरन झा,अनु नेगी, कल्पना झा, अन्नु जा,हरीश असवाल, परविंदर मिश्रा,, प्रभात शर्मा, प्रेमचंद, प्यार सिंह चौहान, अनिल पंत, शिक्षाविद डॉ. नीरज कुमार मिश्र, अध्यक्ष, म्यर पहाड़ उत्तराखंड समिति, दिल्ली कुंदन भैंसोड़ा, अध्यक्ष पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति दिल्ली रमेश हितेषी एवं समस्त कार्यकारिणी ,हेना पांडेय, गढ़वाल भवन, पंचकुइयां रोड, नई दिल्ली महासचिव डॉ. पवन मैठाणी एवं समस्त कार्यकारिणी, लोक कलाकार क्रमशः कल्पना झा व किरण झा, श्यामलाल इवनिंग कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े विकास पांडे, गगन शर्मा, नवनीत सिंह, मोहम्मद अमन, संस्थापक अध्यक्ष, क्षमा नीरा फाउंडेशन दिल्ली की नीरा कुमारी तथा अन्य अनेकों विधाओं में सम्मानित होने वालों में वंशिता पटवाल, काजल सिंह, महिमा वर्मा

मनीष्का यादव, कोमल कार्णिक, सिद्धि पाध्ये, नेहा जैन, इला गुप्ता, पूर्वा शर्मा इत्यादि इत्यादि मुख्य रहे।

आयोजक अमर संदेश समाचार पत्र मुख्य संपादक अमर चंद द्वारा सभी अतिथि वक्ताओं व उपस्थित जनों तथा आयोजित आयोजन को सफल बनाने में ओएनजीसी, पीएनबी, एनआरएल, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, बामर लॉरी, एमआरपीएल, ऑयल इंडिया लिमिटेड इत्यादि इत्यादि प्रतिष्ठानों व संस्थानो के द्वारा दिए गए सहयोग हेतु आभार प्रकट किया गया, आयोजन समाप्ति की घोषणा की गई। आयोजित सेमिनार और सम्मान समारोह का प्रभावशाली मंच संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी व लेखक हेमपंत द्वारा बखूबी किया गया।

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