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भीषण गर्मी से निपटने के लिए सरकार का बड़ा अभियान: हर शहर में बढ़ेगी हरियाली, सामुदायिक वृक्षारोपण पर विशेष जोर

Amar sandesh नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तापमान के खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने हरित आवरण बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का मानना है कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण, शहरी हरियाली और जलवायु-अनुकूल विकास ही भविष्य में हीटवेव के प्रभाव को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) में हीटवेव (भीषण गर्मी) को प्रमुख आपदाओं में शामिल किया है। इसके तहत केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं ताकि गर्मी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर बिहार, मध्य प्रदेश सहित सभी हीटवेव प्रभावित राज्यों ने हीट एक्शन प्लान तैयार कर लागू कर दिए हैं। इन योजनाओं में बुजुर्गों, बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों, शहरी गरीबों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सरकार अमृत और अमृत 2.0 मिशन के तहत शहरों में नए पार्क, हरित क्षेत्र और जल निकाय विकसित कर रही है। वहीं ‘अमृत मित्र’ पहल के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह पौधारोपण और पार्कों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ‘नगर वन योजना’ के तहत वर्ष 2026-27 तक 600 नगर वन और 400 नगर वाटिकाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में पौधारोपण, रखरखाव, बाड़बंदी, जल संरक्षण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि (CAMPA) से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

सरकार का ‘इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान’ (ICAP) भी ऊर्जा-कुशल और जलवायु-अनुकूल भवनों को बढ़ावा दे रहा है। इसके तहत ठंडी छतें (Cool Roofs), बेहतर वेंटिलेशन, जल निकायों का संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विस्तार जैसे उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री की प्रेरणा से चलाया जा रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान देशभर में जनभागीदारी का बड़ा माध्यम बन रहा है। इस अभियान के तहत नागरिक अपनी माँ के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। सरकार के साथ-साथ सामाजिक संगठन, निजी संस्थान और स्वयंसेवी संगठन भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए देशभर में स्थायी हरित वातावरण तैयार करना है।

 इस खबर पर अमर संदेश न्यूज़ लोगों की राय जाने तो उनका मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में हीटवेव के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

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