किशोरीलाल फाउंडेशन द्वारा आत्मनिर्भर भारत पर सेमिनार व सम्मान समारोह संपन्न

दिल्ली।आज दिनांक 30-4-2022 को दिल्ली के हिंदी भवन में *किशोरी लाल फाउंडेशन* द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में *आत्म निर्भर होता भारत* विषय पर आयोजित सेमिनार एवं सम्मान समारोह का आयोजन आईटीओ स्थित हिंदी भवन किया गया ।

इस अवसर पर श्री जितेंद्र मोहन भारद्वाज (अति. निदेशक, राज्यसभा सुरक्षा), श्री सूर्य नारायण झा ( अवर सचिव, भारत सरकार) एवं वरिष्ठ पत्रकार- विश्लेषक श्री के. पी. मलिक एवं वरिष्ठ पत्रकार जगदंबा सिंह ने अपना विचार रखा।

कार्यक्रम का संचालन श्री कुलदीप शर्मा एवं श्री अमर चंद ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्री संजय राय, श्री शैलेश तिवारी श्री दयाल शर्मा श्री जीशान अली श्री तारीख रजा श्री बंशीलाल समाजसेवी श्री फरीद अहमद खान श्री राधे कृष्ण पांडे श्री विकास कपूर श्री मनोज चौहान को उनके द्वारा दी जा रही उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया ।

संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने सर्वप्रथम आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की जनहित की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए किशोरीलाल फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि जिस तरह के कार्यक्रम संस्था महानगर दिल्ली में करती है आने वाले समय में छोटे-छोटे
शहरों में भी इस तरह के कार्यक्रम करके सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में अपनी भूमिका अदा करेगी

इस अवसर पर श्री जितेंद्र मोहन भारद्वाज ( अपर निदेशक, संसद भवन, राज्यसभा सुरक्षा) ने अपने उद्बोधन में बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए सभी सरकारों ने कार्य किया।

वर्तमान सरकार द्वारा 2014 में कार्यभार लेने के पश्चात से ही स्किल इंडिया, स्टार्टअप और वर्तमान शिक्षा पद्धति को केवल डिग्री लेने तक सीमित न रख बल्कि स्वयं अपना व्यवसाय शुरू कर अन्य लोगो के रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से तैयार किया जा रहा है। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मेक इन इंडिया स्कीम में आमंत्रित किया गया जिसके सकारात्मक परिणाम मिले है।

कोरोना महामारी के पश्चात सरकार ने पूर्णतया आत्मनिर्भर भारत के लिए और अधिक जोर दिया है और 20 लाख करोड़ रुपए का बजट बड़ी इंडस्ट्री से लेकर माइग्रेंट लेबर के उत्थान के लिए आबंटित किए है जिसके परिणाम स्वरूप आज देश रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कई गुना बढ़ा है जिसके कारण विदेशी निवेशक भारी मात्रा में देश में निवेश कर रहे है जिससे रोजगार सृजन के साथ साथ सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आईएमएफ के अनुसार आज भारत विश्व की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है। कि आत्मनिर्भर भारत के लिए सभी सरकारों ने कार्य किया। वर्तमान सरकार द्वारा 2014 में कार्यभार लेने के पश्चात से ही स्किल इंडिया, स्टार्टअप और वर्तमान शिक्षा पद्धति को केवल डिग्री लेने तक सीमित न रख बल्कि स्वयं अपना व्यवसाय शुरू कर अन्य लोगो के रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से तैयार किया जा रहा है। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मेक इन इंडिया स्कीम में आमंत्रित किया गया जिसके सकारात्मक परिणाम मिले है। कोरोना महामारी के पश्चात सरकार ने पूर्णतया आत्मनिर्भर भारत के लिए और अधिक जोर दिया है और 20 लाख करोड़ रुपए का बजट बड़ी इंडस्ट्री से लेकर माइग्रेंट लेबर के उत्थान के लिए आबंटित किए है जिसके परिणाम स्वरूप आज देश रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कई गुना बढ़ा है जिसके कारण विदेशी निवेशक भारी मात्रा में देश में निवेश कर रहे है जिससे रोजगार सृजन के साथ साथ सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आईएमएफ के अनुसार आज भारत विश्व की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत अनेक क्षेत्रों में न सिर्फ आत्म निर्भर हुआ है बल्कि अन्य देशों को निर्यात भी कर रहा है। कोरोना काल में प्रधान मंत्री की दृढ़ इच्छा शक्ति से भारत वैक्सीन बनाने में न सिर्फ कामयाब हुआ बल्कि देशवासियों को मुफ्त में वैक्सीन भी लगाई गई। इस मामले में भारत ने बड़ा दिल दिखाते हुए कई देशों को भी वैक्सीन देने का काम किया।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार के अवर सचिव श्री सूर्य नारायण झा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर सही मायने में परस्पर निर्भरता है सामाजिक बौद्धिक आर्थिक परस्पर निर्भरता से ही आत्मनिर्भर हुआ जाता है उन्होंने कहा कि आदि काल में भी भारत आत्मनिर्भर था इसीलिए भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन मुगलों और अंग्रेजों ने जिस तरह भारत को लूटा आजादी के बाद भारत को परस्पर खड़ा होने में काफी लंबा समय लगा आज देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की और अग्रसर है उन्होंने कहां कि वर्तमान सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई सारी योजनाएं चला रही है आज रक्षा के क्षेत्र में देश सबसे ज्यादा आत्मनिर्भर बना है उन्होंने किसानों के आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए भी वर्तमान सरकार की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं विशेषज्ञ श्री केपी मलिक ने कहा कि देश आज आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है उसमें सबसे बड़ा योगदान किसानों का रहा है पिछले 75 वर्षों में किसान यदि आत्मनिर्भर नहीं हुआ होता तो देश कैसे आत्मनिर्भर हो सकता देश के आत्मनिर्भर होने में सबसे बड़ा योगदान किसानों का रहा है
उन्होंने याद दिलाया कि जब देश में लॉकडाउन चल रहा था तब भी किसान अपने खेतों में काम करके देश के लिए अनाज पैदा कर रहा था उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी काम किया है और अभी काफी योजनाओं की जरूरत है जिससे किसान और आत्मनिर्भर हो सके

पूर्वांचल मोर्चा दिल्ली प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार जगदम्बा सिंह ने कहा कि हमारा देश भारत प्रधान मन्त्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार आत्म निर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रहा है। स्थानीय स्तर के व्यापारी एवं दुकानदार भी आत्म निर्भर बन सकें, इसके लिए उन्होंने *वोकल फार लोकल* का नारा भी दिया है।

श्री सिंह ने कहा कि यदि अपने देश का बना सामान विदेशी सामानों के मुकाबले थोड़ा महंगा भी पड़ता है तो भी खरीदना चाहिए, क्योंकि इससे अपने देश का पैसा अपने देश में ही रहेगा। लोगों को आत्म निर्भर बनाने हेतु सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं उसका उपयोग कर स्वयं तो आत्म निर्भर बनें ही, साथ ही अन्य लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। मुझे इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि आज हमारे देश का युवा सरकारी सुविधाओं का लाभ लेकर स्वयं तो आत्म निर्भर बन ही रहा है, साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहा है। प्रधान मंत्री जी ने आत्म निर्भर भारत अभियान को और अधिक गति देने के लिए अपने परंपरागत कार्यों पर भी विशेष रूप से जोर देने का आग्रह किया है। श्री सिंह ने कहा कि रूस- युक्रेन युद्ध से भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में यह बात शिद्दत से महसूस की जा रही है कि एक राष्ट्र के रूप में आत्म निर्भर होना कितना जरूरी है। आज पूरी दुनिया यह जान चुकी है कि तमाम क्षेत्रों में आत्म निर्भरता की दिशा में नये- नये कीर्तिमान स्थापित करता जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में श्री अमरचंद ने आए हुए अतिथियों को संस्था की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंट किए और साथ ही साथ सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिन कंपनियों ने खासकर गेल इंडियन ऑयल पावर फाइनेंस कारपोरेशन एवं एनएचपीसी ने कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया उनका भी आभार प्रकट करते हैं और साथ ही साथ अपेक्षा करते हैं कि आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों में भी अपना सहयोग इसी प्रकार देते रहेंगे

कार्यक्रम के मीडिया सहयोगी न्यूज़मेल, अमर संदेश, नीरज मंच एवं क्रिएटिव वर्ल्ड रहे।

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