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शिल्पी समाज जागृत वर्ष-2026 की दूसरी बैठक संपन्न, समाज की एकजुटता और अधिकारों पर हुआ मंथन

दिल्ली में शिल्पी समाज की दूसरी बैठक, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन

 

Amar sandesh नई दिल्ली। पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति (पंजी.) के तत्वाधान में “शिल्पी समाज जागृत वर्ष-2026” के अंतर्गत दूसरी बैठक शनिवार, 19 जुलाई 2026 को अलकनंदा सभागार, गढ़वाल भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकजुटता, शिक्षा, सामाजिक सम्मान, संवैधानिक अधिकारों तथा उत्तराखंड में शिल्पी समाज के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समिति के अध्यक्ष एवं संस्थापक, वरिष्ठ समाजसेवी, लेखक और कवि रमेश हितैषी ने कहा कि यह अभियान केवल एक संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिल्पी समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाने का जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का शिल्पी समाज अपनी मेहनत, कौशल और पारंपरिक शिल्पकला के लिए सदियों से प्रसिद्ध रहा है। बढ़ईगिरी, लोहारी, स्वर्णकारी, ताम्रकला, पत्थर शिल्प, हस्तशिल्प और कृषि से जुड़े अनेक कार्यों में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लगभग आठ दशक बाद भी समाज को वह सम्मान और समान अवसर नहीं मिल पाए हैं, जिनका वह वास्तविक हकदार है। आज भी कई स्थानों पर सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज को संगठित होकर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ना होगा।

बैठक में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर, रायबहादुर हरि प्रसाद टम्टा तथा क्रांतिवीर कर्मवीर जयानंद भारतीय के सामाजिक योगदान और उनके विचारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने उनके आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने “एक वोट, शिक्षित समाज और संगठित समाज” का संकल्प दोहराया। उन्होंने युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए समाज में शिक्षा, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही उत्तराखंड में छुआछूत और सामाजिक भेदभाव की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से ऐसे मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की गई।

इस अवसर पर शिल्पकार चेतना मंच से मुकेश सिंह शास्त्री, सुरेश कोहली, अखिल शिल्पकार महासंघ से हरीश प्रकाश आर्य, महर्षि दया नंद ट्रस्ट कोटद्वार से डॉ आचार्य धर्म शास्त्री, समिति के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य, न्यू सनराइज उत्तराखंड से रमेश चंद्र सोनी, उम्मेद राम कर्मवीर जयानंद भारतीय ट्रस्ट से संदीप भारती अमर शंदेश के संपादक अमर चंद  सहित समाज के अनेक वरिष्ठ समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने रमेश हितैषी के नेतृत्व में चलाए जा रहे सामाजिक जागरूकता अभियान का समर्थन करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।

बैठक के अंत में समाज के सभी लोगों से शिक्षा, संगठन, सामाजिक एकता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर कार्य करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिल्पी समाज की एकजुटता ही उसके सम्मान, अधिकार और उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।

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