सीमावर्ती गांव के सरपंच, विधायक, सांसद हमारी सीमा के सजग प्रहरी हैं-अमित शाह

गुजरात।केंद्रीय गृह मंत्री ने गुजरात के धोरडो (कक्छ) में  आयोजित सीमांत क्षेत्र विकासोत्सव – 2020 कार्यक्रम में कहा कि सीमांत विकास उत्सव का उद्देश्य है कि सुशासन और विकास सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचे। सीमावर्ती गांव में जो नागरिक रहते हैं उनको उतनी ही सुविधा मिले जितनी हमारे शहरों में रहने वाले नागरिकों को मिलती है। इसके साथ-साथ यहाँ के जनप्रतिनिधियों में राष्ट्रीय सुरक्षा का भाव जागृत करना और सुरक्षा पहलू तथा सामरिक महत्व की संवेदनशीलता को साझा करना भी सीमांत क्षेत्र विकासोत्सव का उद्देश्य है।  

 श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का निर्णय है कि सीमांत विकास उत्सव के माध्यम से सीमाओं को विकसित करने का कार्य किया जाएगा। यह सिलसिला गुजरात की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आज इसका शुभारंभ होने के बाद प्रधानमंत्री जी स्वयं भी विकास कार्यक्रमों में शामिल होंगे और मैं भी आने वाले दिनों में सीमाओं पर जाकर वहाँ रहने वाले जवान जो सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, के साथ जाकर रहने वाला हूं और यह सिलसिला लगातार चलने वाला है।
      केंद्रीय गृह मंत्री श्रीअमित शाह ने कहा कि देश की सीमाएं, राज्य की सीमाएं मां का आंचल जैसी होती है उसकी सुरक्षा करना हर एक नागरिक का प्राथमिक धर्म है। श्री अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती गांव के सरपंच, विधायक, सांसद हमारी सीमा के सजग प्रहरी हैं। श्री शाह का कहना था कि जब तक स्थानीय समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों के मन में सीमा सुरक्षा का भाव खड़ा नहीं होता है तब तक सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। जब तक सीमा पर रहने वाला जन-जन, सीमा पर रहने वाला हर एक व्यक्ति जागरूक नहीं होता तब तक हम सीमाओं को सुरक्षित नहीं कर सकते। श्री शाह ने कहा कि जब तक देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत नहीं होती देश को आगे बढ़ाना, देश को विकास के रास्ते पर ले जाना मुश्किल होगा। मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि देश की एक-एक इंच जमीन की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि आज हमारे सुरक्षा बलों का एक छोटे से छोटा जवान दुनिया की एक बड़ी ताकत के साथ आंख में आंख डालकर जवाब देने के लिए सक्षम है। चाहे कश्मीर की सीमा हो, चाहे पुलवामा हमला हो, सरकार ने समुचित जवाब दिया है।
 

      श्री अमित शाह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि सीमा क्षेत्रों से पलायन न हो जिसके लिए महत्वपूर्ण है कि उस गांव का उतना ही विकास हो जितना सीमाओं के अंदर के गांव का होता है।
      केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के उद्गारों को पढ़ने पर ज्ञात होता है कि उन्होंने उस वक्त कहा था कि सीमा तक रोड, पानी, बिजली पहुंचाना चाहिए और सीमा पर से पलायन को रोकना चाहिए। केंद्र में जब से मोदी सरकार शासन में आई तब से सरदार साहब की सभी बातों पर बखूबी अमल करने की शुरुआत की है।
      श्री अमित शाह ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी सरकार ने 6 साल के अंदर सीमाओं को सुरक्षित करने का जिम्मा बखूबी निभाया है। सारे बलों को आधुनिक शस्त्रों से लैस करने, उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है। हर गरीब के घर में सरकार द्वारा बिजली, बैंक अकाउंट और शौचालय पहुंचाने की व्यवस्था पूर्ण हो चुकी है। हर माता की रसोई के अंदर गैस का चूल्हा पहुंचाने का काम भी हो गया है और हर गरीब की रु 5 लाख तक की सारी स्वास्थ्य सुविधाओं का खर्चा उठाने का काम किया गया है। आयुषमान भारत योजना के तहत अब सभी नागरिकों का इलाज किया जा रहा है।
      श्री अमित शाह ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के साथ सभी राज्य सरकारें और 135 करोड़ लोग भी कोरोना के खिलाफ खड़े हुए। श्री शाह ने कहा कि दीपावली का उत्सव है। उल्लास, उमंग और आनंद होना चाहिए मगर साथ में सावधानी बहुत जरूरी है।
 

 
      श्री अमित शाह ने कहा कि देश में कुछ वक्रदृष्टा लोग हैं जिन्हें हर काम में नुक्स निकालने होते हैं लेकिन जनता बहुत समझदार है। उसको पता है कि पहले योजनाएं बस फाइल तक सीमित रहती थीं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की योजनाएं घर-घर तक पहुँच रही हैं और हाल ही में आए चुनाव नतीजे जनता के इस विश्वास को प्रमाणित करते हैं।
      श्री शाह ने बताया कि 2008 से 2014 तक सीमाओं की रोड की डी-सरफेसिंग की रफ्तार 170 किलोमीटर थी जिसे मोदी सरकार ने 170 किलोमीटर से बढ़ाकर 480 किलोमीटर तक पहुंचाने का काम किया है। 2008 से 2014 तक भारत-चीन सीमा के पास सालाना 230 किलोमीटर की सड़क कटिंग फॉर्मेटिंग का काम हो रहा था, 2014 से 2020 के बीच उसको 230 से बढ़ाकर 470 किलोमीटर तक पहुंचाने का काम किया गया। 2008 से 2014 के बीच में सिर्फ एक सुरंग बनी थी और 2014 से 2020 के बीच हम 6 नई सुरंगे बना चुके हैं और 19 पर काम चालू कर दिया है। यह दर्शाता है कि केंद्र की मोदी सरकार सीमा सुरक्षा के प्रति कितनी सजग है। श्री अमित शाह ने बताया कि 2008 से 2014 के मध्य रु 3300 करोड़ का बजट दिया गया था और मोदी सरकार में सिर्फ वर्ष 2017-18 का बजट रु 5400 करोड़ था जिसे 18-19 में बढ़ाकर रु 6700 करोड और वर्ष 20-21 में रु 11,800 करोड करने का काम किया गया है।
      इससे पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री ने तीन सीमावर्ती जिलों के सरपंचों से वार्तालाप की। श्री अमित शाह ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल और गुजरात सरकार द्वारा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों कि एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।    
      कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी और गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल के कई मंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, बीएसएफ के महानिदेशक, असूचना ब्यूरो के निदेशक और गुजरात सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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