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Amar sandesh दिल्ली।मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में पहली पर्वतीय सुरंग के निर्माण में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग एमटी-5 में दोनों सिरों से खुदाई का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। 2 जनवरी 2026 तक इस सुरंग में लगभग 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
एमटी-5 सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। इसका निर्माण अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट तकनीक से किया जा रहा है, जिसे लगभग 18 महीनों में दोनों ओर से पूरा किया गया। इस तकनीक के माध्यम से खुदाई के दौरान जमीन की स्थिति पर वास्तविक समय में नजर रखी जाती है और स्थल की जरूरत के अनुसार शॉटक्रेट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसी सहायक प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। निर्माण के दौरान वायु-संचार, अग्नि सुरक्षा, तथा सुरक्षित प्रवेश और निकास व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणे और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच लगभग पाँच किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग का निर्माण पूरा किया जा चुका है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की कुल लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है, जिसमें 27.4 किलोमीटर सुरंगों का निर्माण शामिल है। इनमें 21 किलोमीटर भूमिगत और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें हैं। परियोजना में कुल आठ पर्वतीय सुरंगें शामिल हैं, जिनमें से सात महाराष्ट्र में हैं, जिनकी कुल लंबाई छह किलोमीटर से अधिक है, जबकि गुजरात में 350 मीटर लंबी एक सुरंग स्थित है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना से निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हो रहे हैं और इसके संचालन के बाद आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। परियोजना पूरी होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर केवल 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा, जिससे देश के दो प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों के बीच तेज और सीधा संपर्क स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के विकास से औद्योगिक, आईटी और नए आर्थिक केंद्र विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे ज्ञान का आदान-प्रदान होगा और मध्यम वर्ग को आरामदायक, सुरक्षित और किफायती यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना पूरी होने के बाद सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
फिलहाल महाराष्ट्र में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत सात पर्वतीय सुरंगों पर कार्य प्रगति पर है और कुल लगभग छह किलोमीटर लंबाई में पर्वतीय सुरंगों का निर्माण हो चुका है। यह परियोजना साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए भारतीय परिवहन अवसंरचना में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम साबित होगी।
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