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JNU छात्राओं की शिकायत पर लता गुप्ता सख्त, दिल्ली महिला आयोग ने कुलपति से मांगी रिपोर्ट

JNU छात्राओं की शिकायत पर दिल्ली महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान 

 

Amar sandesh नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की कुछ छात्राओं द्वारा एक प्रोफेसर पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता के निर्देश पर JNU के कुलपति को नोटिस जारी कर मामले में अब तक की गई कार्रवाई और शिकायत की स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी गई है।

दिल्ली महिला आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कुछ छात्राओं ने संबंधित प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में मई 2026 में JNU के कुलपति के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन उनके अनुसार मामले में अपेक्षित कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है।
आयोग ने सोशल मीडिया पर सामने आए इन आरोपों को लेकर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से JNU प्रशासन से तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। आयोग की ओर से जारी नोटिस में विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा गया है कि मई 2026 में प्राप्त शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।
इसके अलावा आयोग ने यह भी जानकारी मांगी है कि क्या छात्राओं की शिकायत को POSH Act के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। यदि शिकायत ICC को भेजी गई थी, तो आयोग ने समिति द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और मामले की वर्तमान स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा है।
आयोग ने यह कदम सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के आधार पर उठाया है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। प्रेस विज्ञप्ति में संबंधित प्रोफेसर का पक्ष उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना उचित है।
दिल्ली महिला आयोग की पहल का उद्देश्य मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और शिकायत के निस्तारण की स्थिति को स्पष्ट करना बताया गया है। अब JNU प्रशासन की रिपोर्ट के बाद मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

JNU छात्राओं की शिकायत पर दिल्ली महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, कुलपति से मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट

Amar sandesh नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की कुछ छात्राओं द्वारा एक प्रोफेसर पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता के निर्देश पर JNU के कुलपति को नोटिस जारी कर मामले में अब तक की गई कार्रवाई और शिकायत की स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी गई है।

दिल्ली महिला आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कुछ छात्राओं ने संबंधित प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में मई 2026 में JNU के कुलपति के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन उनके अनुसार मामले में अपेक्षित कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है।

आयोग ने सोशल मीडिया पर सामने आए इन आरोपों को लेकर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से JNU प्रशासन से तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। आयोग की ओर से जारी नोटिस में विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा गया है कि मई 2026 में प्राप्त शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।

इसके अलावा आयोग ने यह भी जानकारी मांगी है कि क्या छात्राओं की शिकायत को POSH Act के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। यदि शिकायत ICC को भेजी गई थी, तो आयोग ने समिति द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और मामले की वर्तमान स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा है।

आयोग ने यह कदम सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के आधार पर उठाया है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। प्रेस विज्ञप्ति में संबंधित प्रोफेसर का पक्ष उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना उचित है।

दिल्ली महिला आयोग की पहल का उद्देश्य मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और शिकायत के निस्तारण की स्थिति को स्पष्ट करना बताया गया है। अब JNU प्रशासन की रिपोर्ट के बाद मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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