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Amar sandesh दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड के मूल निवासी, दिल्ली एनसीआर में प्रतिष्ठित उद्यमी एवं समाजसेवी पूरन चंद्र नैनवाल ने अपने वैवाहिक जीवन के 39 वर्ष पूर्ण कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह अवसर केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि त्याग, विश्वास, धैर्य और अटूट समर्पण की दीर्घ साधना का उत्सव है।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन 39 वर्षों की यात्रा में श्री नैनवाल का जीवन व्यापारिक एवं सार्वजनिक दायित्वों से निरंतर व्यस्त रहा। सभाएँ, यात्राएँ, बैठकें और जनसंपर्क—उनका अधिकांश समय समाज और राष्ट्रहित के कार्यों को समर्पित रहा। किंतु इस व्यस्त जीवन के पीछे एक शांत, दृढ़ और अडिग शक्ति सदैव खड़ी रही, उनकी धर्मपत्नी, जिन्होंने बिना किसी शिकायत के परिवार को संभाला और हर परिस्थिति में उनका संबल बनी रहीं।
घर को सहेजना, परिवार को एकसूत्र में बाँधे रखना, बच्चों में संस्कारों की नींव डालना और हर उतार-चढ़ाव में चट्टान की तरह साथ निभाना यह सब उनकी जीवनसंगिनी के मौन त्याग और समर्पण का परिचायक है। जब श्री नैनवाल सार्वजनिक मंचों से समाज की आवाज़ बनते रहे, तब उन्होंने घर की जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा से निभाकर उन्हें निश्चिंत होकर समाज सेवा करने का अवसर दिया।
आज अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर दंपति ने पहाड़ों की गोद में शांति और सुकून के कुछ पल बिताने का निर्णय लिया है। स्मृतियों, कृतज्ञता और संतोष से भरे इन क्षणों में यह अनुभूति और भी गहरी है कि जीवन की इस लंबी यात्रा में साथ कभी छूटा नहीं।
मधुरभाषी, मिलनसार और जनभावनाओं के प्रति सजग व्यक्तित्व के धनी पूरन चंद्र नैनवाल दिल्ली एनसीआर में समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना से जुड़े रहते हुए वे सदैव समाज के साथ खड़े दिखाई देते हैं और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हैं।
अमर संदेश समाचार पत्र पूरन चंद्र नैनवाल एवं उनकी धर्मपत्नी को वैवाहिक जीवन के 39 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित करता है। यह अटूट साथ आने वाले वर्षों में भी प्रेम, विश्वास और समर्पण की नई ऊँचाइयाँ स्थापित करता रहे इसी मंगलकामना के साथ।
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