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PAT में दोहरे अंकों की वृद्धि, अब तक का सर्वाधिक AUM और NIM में 8% की बढ़ोतरी के साथ IRFC 2.0 का भविष्य सही दिशा में
• ₹60,000 करोड़ का वार्षिक स्वीकृति लक्ष्य 9 महीनों में हासिल
• ₹30,000 करोड़ के वितरण लक्ष्य की दिशा में तेज़ प्रगति, अब तक लगभग 75% राशि वितरित
Amar sandesh नई दिल्ली।रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न CPSE, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) ने लगातार तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक लाभ दर्ज किया है। कंपनी ने दोहरे अंकों की लाभ वृद्धि के साथ Q3 के अंत तक ₹60,000 करोड़ का पूर्ण-वर्षीय स्वीकृति लक्ष्य भी हासिल कर लिया है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए IRFC का कर पश्चात लाभ (PAT) ₹1,802.19 करोड़ रहा, जो 10.52% YoY वृद्धि है — यह अब तक का सर्वाधिक तिमाही PAT है।
नौ महीनों में PAT ₹5,324.86 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.47% अधिक है।
तिमाही के दौरान शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में 8% से अधिक का सुधार हुआ।
Q3 में कुल आय ₹6,719.23 करोड़ और 9 महीनों की आय ₹20,009.38 करोड़ रही।
परिणामों पर टिप्पणी करते हुए IRFC के CMD मनोज कुमार दुबे ने कहा कि यह प्रदर्शन IRFC 2.0 के तहत मजबूत निष्पादन, विविधीकरण और तेज़ क्रियान्वयन को दर्शाता है। मात्र 9 महीनों में वार्षिक स्वीकृति लक्ष्य हासिल होना इसकी मजबूत पाइपलाइन का प्रमाण है। IRFC का ₹30,000 करोड़ का वितरण लक्ष्य सही दिशा में है, जिसमें Q3 के अंत तक लगभग तीन-चौथाई राशि वितरित की जा चुकी है।
31 दिसंबर 2025 तक IRFC का AUM रिकॉर्ड ₹4.75 लाख करोड़ पहुंच गया — अब तक का सर्वाधिक स्तर।
नेट वर्थ ₹56,625.41 करोड़ और वार्षिकीकृत EPS ₹5.43 रहा। कंपनी ने सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन से JPY 46.458 बिलियन (USD 300 मिलियन) की ECB सुविधा भी प्राप्त की।
IRFC ने शून्य NPA की परंपरा बनाए रखी और DPE से “उत्कृष्ट” प्रदर्शन रेटिंग प्राप्त की।
आगे चलकर IRFC को उच्च-मार्जिन विविधीकृत ऋण, रेलवे परियोजनाओं, मेट्रो रेल, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह क्षेत्रों में विस्तार से बेहतर वृद्धि की उम्मीद है।
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