क्वॉरेंटाइन में रह रहे युवाओं द्वारा श्रमदान कर स्कूलों की साफ सफाई व फुल बागवानी की सुंदरता में निखार लाने का एक अनूठा प्रयास

अमर चंद्र नई दिल्ली। कोविड 19 वैश्विक महामारी इस समय पूरे देश के लिए समस्या का सबब बनी हुई हैं। जिसके चलते देश में लॉकडाउन घोषित है। इस जानलेवा महामारी ने देश की रफ्तार थाम दी है।

देश इस महामारी से उबर ने का हर सभव प्रयास कर रहा है । सरकार व प्रशासन कोविड-19 से लड़ रही है। देश के कमोजर तबके के लोगों को इस संक्रमण के चलते कई दिक्कतों से जुझना पड़ रहा है। लॉकडानउ के चलते आम लोगों का जीवन स्तर ठहर सा गया है। देश की रफ्तार रूक गई है। इस संकट के समय में देश को बहुत मदद की आवश्यकता है। ऐसे समय में हम एक छोटी सी मदद के माध्यम से देश व गाँव की सेवा कर अपनी ओर से एक प्रयास कर सकते है। इस समय देश की हर कोने से लोग अपने गाँव व मूल घरों की तरफ जा रहे हैं

कई जगह कई कष्ट सहने के बाद, हजारों किलोमीटर पैदल ही अपने गांव की ओर जाते देखते लोग जो बिना खाये व प्यासे ही अपने गांव की ओर जा रहे हैं,उनके पैरों में छाले पड़ गए , कई माँये अपने छोटे-छोटे बच्चो को गोद मे लेकर व सर पर समान की पोटली लेकर तपती धूप में चलने को मजबूर है। इस तस्वीर को देख कर मन को बहुत पीड़ा होती है। इस मुसीबत के समय कुछ समाजसेवी भी आगे आकर इन जरूरतमंदों की मदद करते दिख रहे हैं। उत्तराखंड में भी कई लोगों अपने घरो की ओर वापस आ गये है।

इस समय उत्तराखंड के कई बिरान गांव में भी रौनक देखने को मिल रही है,जिन गांव में कई सालों से बच्चों की किलकारी नहीं सुनी आज उन गांव में छोटे बच्चों की किलकारी भी सुनने को मिल रही है ।जो लोग अपने गांव आए हुए हैं उन्हें सरकार और प्रशासन द्वारा 14 दिनों के लिए क्वॉरेंटाइन किया गया है ।जिससे कोरोना को फैलने से रोक जा सके।कई जगह लोगों ने अपने श्रमदान कर इस समय का सदुपयोग करते हुए , अपने गांव के लिए सड़कें तक बना डाली है। वही देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी जनपद स्थित विकासखंड रिखणीखाल के पट्टी पैनो मंदाल घाटी के समीप आदर्श ग्राम कुमाल्डी के युवाओं ने भी, जो आर्दश ग्राम कुमाल्डी स्थित राजकीय उच्चतम माध्यमिक विद्यालय कुमाल्डी में रह रहे हैं

उन सब ने भी एक मिसाल पेश करी है उन्होंने स्कूल के आंगन, अगल बगल व रास्तों में जो पेड़ पौधों से पत्ते गिरे हुए थे। उनकी सफाई कर साथ ही स्कूल में फूल बागवानी की गुड़ाई कर और उनकी साफ सफाई कर, एक बहुत सराहनीय काम किया है।इस समय यहा गाँव के कुछ युवा अपने परिवार के साथ क्वॉरेंटाइन में रह रहे हैं ।इन लोगों ने स्कूल के आने वाले रास्तों को भी बहुत भली भांति साफ सफाई कर एक अच्छी मिसाल पेश की है,ये सभी सुबह उठते ही पहले स्कूल के आंगन की सफाई करते हैं साथ ही फूल पौधों को पानी भी देते हैं।

जिससे स्कूल की रौनक दोबारा लौट गई है । उनके इस काम की सभी ग्रामवासी प्रशंसा कर रहे हैं।ये सभी लोग इस.समय क्वॉरेंटाइन में रह रहे हैं,बिनिल सिंह रावत ,श्रीमती रजनी रावत, बेबी आरूष रावत, सुनील रावत ,श्रीमती कल्पना रावत, मदन श्रीमती धनेश्वरी देवी, बेबी आरव ,मदनपाल सिंह ,संतोष ,पंकज कुमार, पंकज सिंह ,अंकित ,सोहन सिंह, विनय कुमार,इन सबके प्रयास से स्कूल कि फूल बागवानी के साथ-साथ साफ-सफाई भी देखने को मिल रही है ।

कार्तिय जिला पंचायत सदस्य विनयपाल नेगी ने बताया कि उनके इस प्रयास के लिए समस्त गांव वासी उनकी प्रशंसा कर रहे है।श्रीनेगी व सतीश घिडियाल जी फोन पर बताया कि इन सब की जितनी प्रशंसा की जाए उतना ही कम है इस अवसर पर एक छोटा बच्चा आयुष जो सबको देखकर पेड़ पौधों में पानी देते हुए गांव की खुशहाली की कामना करते हुए दिख रहा है ,

लगता है वह प्रभु से प्रार्थना कर रहा है हे ईश्वर इस महामारी से हमारे देश को शीघ्र निजात दिलाओ। इस विद्यालय में कई युवाओं को आठ् व 10 दिन क्वॉरेंटाइन में हो गए हैं। लेकिन उनका कहना है कि ग्राम प्रधान एवं स्कूल टीचरों के सिवा अभी तक उनके पास कोई अधिकारी प्रशासन का नहीं पहुंचा नहीं उनकी दुबारा यहा पर कोई स्क्रीनिंग हुई ना उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए कोई टीम आई क्या प्रशासन ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है कि जो लोग क्वॉरेंटाइन में रह रहे हैं उनके बीच मे स्वास्थ्य जांच होती रहे, जिससे कि इस महामारी को फैलने से रोका जा सके ।

यहां ठहरे हुए कई युवाओं ने बताया कि प्रशासन की ओर से न तो पटवारी ना कोई पंचायत अधिकारी अभी तक उनका हाल पूछने आया केवल ग्राम प्रधान स्कूल के कुछ टीचर उनके हाल पूछने आए हैं। ग्राम वासियों द्वारा ही उनका हाल चाल पूछा जा रहा है साथ ही घरों से दोनों टाइम का खाना आ रहा है न तो प्रशासन किसी भी अधिकारी ने अभी तक उनकी सुध ली ।जो उनके मन को पीड़ा देती है उन्होंने कहा सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि इस महामारी से बचा हो सके।

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