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करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, फसल-मकान और पशुधन को भारी नुकसान; प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री ने वैशाली, मुंगेर और भागलपुर में लिया जमीनी जायजा
हेना पांडे | दिल्ली/पटना । बिहार में बाढ़ की विकराल स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने राहत और नुकसान के आकलन को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बिहार पहुंचे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक जमीनी जायजा लिया। वैशाली के बाद उन्होंने मुंगेर और भागलपुर में राहत शिविरों, तटबंधों और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली।
वैशाली के राघोपुर क्षेत्र में शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेरसिया तथा सरायपुर गांवों का मोटरबोट और नाव से निरीक्षण किया। जलमग्न खेतों और गांवों की स्थिति को करीब से देखने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर से भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान फसल नुकसान और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली गई।
2016 की बाढ़ से भी ऊपर पहुंचा जलस्तर, फसलों पर सबसे बड़ी मार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान चौहान ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार कई क्षेत्रों में इस बार जलस्तर 2016 की बाढ़ के स्तर से भी करीब एक फीट ऊपर पहुंच गया है। लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से केले और मक्के सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के 15 जिलों में करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका को हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत, पुनर्वास तथा क्षति के आकलन के आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात उन्होंने कही।
राहत शिविरों में पहुंचे, पीड़ितों से सीधे संवाद
मुंगेर में केंद्रीय मंत्री ने नवागढ़ी राहत शिविर का निरीक्षण किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। इसके बाद भागलपुर में राहत शिविर का जायजा लेकर पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों की टीम भी उनके साथ रही।
राज्य सरकार के अनुसार बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के रूप में प्रति परिवार 7,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। 15 सितंबर तक 8.27 लाख प्रभावित परिवारों के खातों में करीब 579.23 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी थी।
केंद्र भेजेगा विस्तृत टीम, फसल से लेकर सड़क-पुल तक होगा आकलन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसलों के अलावा मकानों, सड़कों, पुल-पुलियों और पशुधन को हुए नुकसान का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर केंद्र और राज्य सरकार राहत एवं पुनर्वास की आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के विस्तृत आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस आकलन में कृषि नुकसान के साथ-साथ आधारभूत ढांचे और अन्य क्षति को शामिल किया जाएगा।
‘संकट की इस घड़ी में बिहार के साथ खड़ी है केंद्र सरकार’
शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बिहार की जनता और किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में राज्य सरकार के साथ मिलकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
बिहार में जारी बाढ़ के बीच केंद्रीय मंत्री का यह दौरा नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन करने, किसानों की समस्याओं को समझने और राहत एवं पुनर्वास की अगली कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
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