Wednesday, September 30, 2026
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गढ़वाल विश्वविद्यालय में ‘हिंदी माह समारोह-2026’ में तकनीकी एवं शोध कार्यों में हिंदी के प्रयोग पर जोर, विजेता विद्यार्थी एवं कर्मचारी सम्मानित

अमर संदेश (संवाददाता

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में 1 से 30 सितंबर तक आयोजित ‘हिंदी माह समारोह-2026’ का समापन समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का श्रीगणेश अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में समन्वयक प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, कुलपति महोदय के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ ने हिंदी माह 2026 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो एन. एस. पंवार, संकायाध्यक्ष भर्ती एवं प्रोन्नति प्रो मोहन सिंह पंवार, कुलसचिव प्रो वाई पी रैवानी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो ओमप्रकाश गुसाई, परिसर निदेशक प्रो हरिभजन सिंह चौहान, उपकुलसचिव डॉ संजय ध्यानी, राजभाषा प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो गुड्डी बिष्ट पंवार तथा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र फर्स्वाण उपस्थित रहे।समारोह को संबोधित करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो. एन. एस. पंवार ने कहा कि जितना अच्छा हम अपनी भाषा में बोल और समझ सकते हैं, उतना दूसरी भाषा में नहीं। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा में अभिव्यक्ति अधिक सहज होती है। उन्होंने अनुवाद के माध्यम से साहित्य को और समृद्ध करने पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्य का परस्पर अनुवाद भाषाओं के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत कर सकता है।

कुलसचिव प्रो. वाई. पी. रैवानी ने हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों एवं विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी के संवर्द्धन के लिए आवश्यक है कि तकनीकी एवं शोध कार्य हिंदी में किए जाएं। उन्होंने अन्य भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के सम्मान तथा हिंदी के साथ उनके समन्वय पर भी जोर दियासंकायाध्यक्ष, नियुक्ति एवं प्रोन्नति विभाग प्रो. मोहन सिंह पंवार ने कहा कि डिजिटल माध्यमों में हिंदी का प्रयोग अभी भी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता भी कई बार चुनौती के रूप में सामने आती है। ऐसे में डिजिटल और तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

परिसर निदेशक प्रो हरिभजन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी को व्यवहार में अपनाकर ही उसके प्रचार-प्रसार और संवर्द्धन के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र फर्स्वाण ने कार्यालयी स्तर पर हिंदी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

उप कुलसचिव डॉ संजय ध्यानी ने कहा कि जिस प्रकार हम संविधान और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं, उसी प्रकार हिंदी भाषा के प्रति भी सम्मान की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने हिंदी को दैनिक व्यवहार एवं कार्य-व्यवहार में अधिकाधिक रूप अपनाने का आह्वान किया।

राजभाषा प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शोधार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

समारोह के दौरान हिंदी माह 2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए। विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

‘हिंदी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में श्रुति भट्ट ने प्रथम, अनामिका एवं शांतनु सरकार ने द्वितीय तथा अदिति एवं अंशिका गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में दिव्या एवं योगेश बड़ोनी को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।

‘हिंदी साहित्य में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना’ विषय पर आयोजित हिंदी से संबंधित काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रियम ऋषभ एवं शशांक शेखर ने प्रथम, आईशा फरस्वाण ने द्वितीय तथा प्रज्ञा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रोनक चंद रमोला एवं शांतनु सरकार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।

वहीं ‘भारतीय भाषाओं के समन्वय में हिंदी की भूमिका’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में श्रेया पुरोहित ने प्रथम, अदिति मिंगवाल ने द्वितीय तथा मयंक पंत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रज्ञा एवं शिवांगी उनियाल को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।

कर्मचारी वर्ग में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री राजेन्द्र सिंह भंडारी द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री अरविंद सिंह रावत तृतीय, श्री ईश्वर सिंह, श्री सूरज रावत एवं श्री दिनेश कुमार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।

हिंदी टिप्पण व मसौदा लेखन प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री जयवीर कुमार एवं श्री राजेन्द्र भंडारी को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए।

हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री जयवीर कुमार तृतीय, श्री अरविंद सिंह रावत को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसी क्रम में हिंदी श्रुतलेख एवं सुलेख प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री अरविंद, श्री जयवीर, श्रीमती मनीषा ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनूप सेमवाल ने किया। समारोह को सफल बनाने में प्रो विजयकांत पुरोहित, डॉ. संजय पांडेय, डॉ. सूरज पंवार, डॉ. सविता मैठाणी, डॉ. आकाश दीप तथा शोधार्थियों तुषार, राकेश, कोमल, शुभम, शिवानी, अनूपा, शालिनी एवं प्रमोद ने सहयोग प्रदान किया।

समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। हिंदी माह 2026 के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी के प्रति विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया। समारोह का समापन हिंदी के प्रचार-प्रसार, संवर्द्धन तथा शैक्षणिक शोध एवं प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।

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