यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं अथक परिश्रम का नतीजा है : नरेन्द्र मोदी

लोक सभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ बाबा विश्वनाथ मंदिर में विधिवत् पूजा अर्चना की। ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं अथक परिश्रम का नतीजा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी ने छुआछूत को खत्म करने के लिए अपनी जिंदगी खपाई लेकिन राजनीतिक छुआछूत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। कई जगह भाजपा का नाम लेते ही राजनीतिक छूआछूत का माहौल बनाया जाता है। राजनीतिक विचारधारा के कारण पश्चिम बंगाल, केरल, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर जैसे कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं। ऐसा लगता है कि इन जगहों पर हिंसा को मान्यता दे दी गई है। आज भी वहां भाजपा को अछूत समझा जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने आप को एकता का ठेकेदार बनाते हैं, उन्होंने सिर्फ आंध्र का विभाजन किया। वहां आज भी शांति का माहौल नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा कि आज देश के राजनीतिक कैनवास पर ईमानदारी से रग-रग में लोकतंत्र को जीने वाला कोई दल है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि हम लोकत्रंत में विश्वास रखने वाले लोग हैं। जहां-जहां हमें सरकारें बनाने का मौका मिला है, हमने वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया है, भले ही जनता के अविश्वास के कारण उनकी संख्या कम ही क्यों न हो। दूसरी सरकारों में विपक्ष का नाम तक नहीं होता है। त्रिपुरा में 30 साल तक विपक्ष का शासन रहा, क्या वहां विपक्ष था? दो साल से हम सत्ता में, वहां शानदार विपक्ष है। उन्होंने कहा कि संसद का इस्तेमाल चर्चा के लिए होना चाहिए लेकिन जब चर्चा में मुद्दे और तथ्य न हो तो हंगामा किया जाता है। हम जाति और संप्रदाय से ऊपर महान विरासत और आधुनिक विजन के साथ चलने की कोशिश करेंगे।श्री मोदी ने कहा कि योग हो, रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट हो – यह सब देश की महान विरासते हैं। उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीवाली मनाने से किसने रोका था? प्रदेश में जब हमारी सरकार आई तो उसने दीवाली को भी भव्य बनाया। इस बार कुंभ की पहचान ही बदल गई। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के संस्कार पर नैतिक सीख देते हुए कहा कि हम अपना स्कूटर तो दिन में चार बार साफ करते है चाहे वह कितना पुराना और बेरंग क्यों न हो गया हो लेकिन सरकारी बस में बैठ कर हम सीट में छेद करने लगते हैं। ये हमारे संस्कार नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ‘भारत माता की जय’ बोले और फिर बनारसी पान खाकर धरती को गंदा करें, यह किस तरह की ‘भारत माता की जय’ है? हम जिस माँ का जयकारा करने के लिए संकट झेलते हैं, उसे गंदा क्‍यों करें? हम सबके भीतर यह भावना होनी चाहिए कि यह देश मेरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने वोटबैंक की राजनीति से ऊपर उठकर काम किया। हमने सबको साथ में लेकर चलने का काम किया। सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान इसी कोशिश का नतीजा है। श्री मोदी ने कहा कि इस जीत ने बता दिया है कि देश के विश्‍लेषको को मानना होगा कि अर्थमेटिक के आगे केमेस्‍ट्री भी होती है। देश में समाज शक्ति की जो केमिस्ट्री है, आदर्शों व संकल्पों की जो केमिस्ट्री है, वह कभी-कभी सारे गुणा-भाग को, अंक गणित को पराजित कर देती है। इस चुनाव में अंक गणित को इसी केमिस्ट्री ने पराजित किया है। सरकार और संगठन के बीच तालमेल बड़ी ताकत होती है। पारदर्शिता और परिश्रम से हर जीत मुमकिन हो जाता है – यह करिश्‍मा कार्य और कार्यकर्ता का है। सरकार ने काम किया लेकिन कार्यकर्ताओं ने जनता के विश्‍वास को मजबूत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं का संतोष ही हमारा जीवन मंत्र है। काशी के लोगों ने इस चुनाव को एक पर्व माना। काशी का हर कार्यकर्ता डिक्टिंशन मार्क के साथ इस परीक्षा में पास हुआ। सपा-बसपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव में जाति की राजनीति को नकार कर उत्तर प्रदेश ने स्वस्थ लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि पार्टी और कार्यकर्ता जो आदेश करते हैं, उसका मैं भरसक पालन करने का प्रयास करता हूँ। पिछले महीने 25 तारीख को मैं यहां था, जिस आन-बान शान के साथ काशी ने एक विश्व रुप दिखाया था, उसने पूरे हिंदुस्तान को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने मुझे आदेश दिया था कि एक महीने तक आप काशी में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। 18-19 मई को मन हुआ कि काशी चले आयें लेकिन आपका आदेश था और देश ने भले ही मुझे प्रधानमंत्री बनाया हो लेकिन आपके लिए तो मैं कार्यकर्ता हूँ। शायद ही कोई उम्मीदवार चुनाव और चुनाव के नतीजों के समय इतना निश्चिंत होता है। इसका कारण मोदी नहीं, बल्कि आपका परिश्रम है। आपके विश्वास के बल पर मैं मौज के साथ इसलिए मैं 18-19 मई को केदारनाथ में बाबा के चरणों में जाकर बैठ गया। काशी तो अविनाशी है। आप लोगों ने इतने कार्यक्रम किए, मुझे जानकारी मिलती थी। यहां चुनाव को लोकोत्सव बना दिया गया। काशी की बेटियों ने स्कूटी यात्रा निकाली थी जो पूरी दुनिया में चर्चा का कारण बनी। पूरे चुनाव अभियान में कह सकता हूँ कि तू-तू, मैं-मैं का पक्ष कम था, अपनत्व ज्यादा था। इस चुनाव में जो अलग-अलग दल और निर्दलीय साथी चुनाव में थे, मैं उनका भी धन्यवाद करता हूँ कि काशी के गरिमा के स्वरूप अभियान को आगे बढ़ाया। इस चुनाव में कार्यकर्ताओं के साथ मिलना हुआ तो मैंने कहा था कि यहां पर नामांकन तो एक नरेन्द्र मोदी का हुआ होगा लेकिन यह चुनाव घर-घर और गली-गली का नरेन्द्र मोदी लड़ेगा। एक प्रकार से आप सब नरेन्द्र मोदी बन गए। इस पूरे अभियान को आपने चलाया। मैं हर वक्त, हर क्षण काशी के लिए खड़ा हूँ और जितना भी यहाँ के लिए करूँ, यह मेरा सौभाग्य होगा।

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